वाराणसी : कोरोना वक्सीनशन में कम प्रतिशत वाले केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी, पहले चरण में 18 हजार लोगों को टीकाकरण किया जाना है

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कोरोना टीकाकरण को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग नए सिरे से समीक्षा में जुट गया है। इसमें वैसे तो सभी केंद्रों की निगरानी की जाएगी लेकिन ऐेसे टीकाकरण केंद्र जहां अब तक दो दिन के अभियान में लक्ष्य अपेक्षाकृत कम रहा है, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसमें शहरी क्षेत्र में बीएचयू, ट्रामा सेंटर के साथ ही हेरिटेज मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण इलाकों में सीएचसी मिसिरपुर, हरहुआ शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले चरण में 18 हजार लोगों को टीकाकरण किया जाना है। अब तक दो दिन में 3500 में कुल 2075 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। आने वाले टीकाकरण के दिन प्रतिशत बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है। जिले में कोरोना की पर्याप्त वैक्सीन आ गई है तो 28-29 जनवरी के बाद भी चार अन्य दिनों में टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि आईएमएस बीएचयू के निदेशक को पत्र भेजकर टीकाकरण के खराब प्रदर्शन पर असंतोष जताते हुए आने वाले दिनों में प्रतिशत बढ़ाने की बात कही गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों के नोडल अधिकारियों को भी टीकाकरण कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

कोरोना मरीजों की संख्या में कमी को देखते हुए एलवन कोविड हॉस्पिटल को बंद रखने के फैसले के बाद अब जिले में ऐसे अस्पतालों की सूची तैयार कराई जा रही है। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने इस आशय का निर्देश जारी किया है। जिले में बनारस रेल इंजन कारखाना स्थित रेलवे अस्पताल, ईएसआई, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, सीएचसी शिवपुर, सेंट मैरी हॉस्पिटल कोरौता, लक्ष्मी हॉस्पिटल, सूर्योदय हॉस्पिटल, मेडविन हॉस्पिटल को एलवन श्रेणी में रखा गया है।
कोरोना के मिले 10 मरीज, 16 हुए स्वस्थ

कोरोना संक्रमित मरीजों की दिन प्रतिदिन कम होती संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत भरी खबर है। रविवार को भी अलग-अलग जगहों से कुल 10 नए मरीज हैं, जबकि होम आईसोलेशन में कुल 16 लोग स्वस्थ घोषित किए गए। राहत की बात यह है 20 जनवरी से 24 जनवरी तक पांच दिन में 20 से कम मरीज मिले हैं, वहीं इन दिनों में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। नए मरीजों के मिलने के बाद 21850 में 21371 डिस्चार्ज, 375 की मौत के बाद अब केवल 104 मरीज ही एक्टिव रह गए हैं।