उत्तराखंड के हरिद्वार में महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को लानी होगी कोविड रिपोर्ट नेगेटिव, केंद्र ने जारी की गाइडलाइन

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हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। यह गाइडलाइन एसओपी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की है। इसमें कहा गया है कि उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। संबंधित व्यवस्थाएं करने के लिए उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिए गए हैं।

कुंभ मेले में साधु संतों के अलावा देशभर के लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। इसलिए कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत यह गाइडलाइन जारी की गई है। साथ ही कहा गया है कि मेले में शामिल होने के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु एप अनिवार्य है। सभी श्रद्धालुओं को आपस में छह फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी। भीड़ में स्नान करने पर भी सख्त मनाही है। गौरतलब है कि 14 जनवरी से हरिद्वार में महाकुंभ शुरू हो चुका है। फिलहाल ज्यादा भीड़ नहीं है, लेकिन 27 फरवरी से मुख्य स्नान शुरू हो जाएंगे। 

कुंभ मेले का आयोजन 30 अप्रैल तक किया जाना है। वहीं रेलवे ने भी कुंभ के दृष्टिगत 18 ट्रेनें बहाल कीं हैं। इन ट्रेनों में अच्छी संख्या में यात्री सफर कर रहे हैं। मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम तरुण प्रकाश का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से मेले को लेकर एसओपी जारी की गई है। जो भी नियम सरकार की ओर से बनाए जाएंगे रेल यात्रियों को उनका पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा। दूसरी ओर उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता और कुंभ मेला प्रभारी मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि केंद्र सरकार ने एसओपी जारी की है। इस संबंध में राज्य सरकार अपनी रिपोर्ट नैनीताल हाईकोर्ट में पेश करेगी और कोर्ट से दिशा निर्देश मिलने के बाद एक और एसओपी जारी कर देगी।

मेले में ड्यूटी करने वाले फ्रंटलाइन स्टाफ को भी कोरोना वैक्सीन लगाए जाने के लिए केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इसे लेकर पहले ही राज्य सरकार की ओर से 20 हजार अतिरिक्त डोज उपलब्ध कराने के लिए अपील की जा चुकी है। इससे मेले में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों और स्वास्थ्य कर्मियों को लाभ मिल सकेगा।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को न आने की हिदायत
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार राज्य सरकार को सलाह दी गई है कि गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मेले में न आने के लिए जागरूक क रें। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अन्य राज्य सरकारों को भी इसमें सहयोग करने के लिए कहा है।