केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिया विवादास्पद बयान कहा- ‘यहां NEET में जो हो जाते हैं फेल, वो चले जाते हैं विदेश’

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    union minister pralhad joshi
    union minister pralhad joshi

    यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध का आज सातवां दिन है. इस युद्ध में यूक्रेन में कई देशों के नागरिक और छात्र फंसे हुए हैं. सभी देश यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों और छात्रों को यूक्रेन से बाहर निकालने का लगातार प्रयास कर रहें हैं, जिसमें उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. भारत सरकार ने भी यूक्रेन से छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है, जिसके तहत छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा रहा है. लेकिन अभी तक कई छात्र वहां फंसे हुए हैं, जिन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

    इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि  विदेश में पढ़ने वाले 90% मेडिकल स्टूडेंट देश में होनेवाले नीट एग्जाम पास नहीं कर पाते हैं और वो ही छात्र विदेश चले जाते हैं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर कहा कि अभी इस मुद्दे पर बहस करने का सही वक्त नहीं है.

    बता दें कि भारत के हजारों छात्र हर साल मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए कई देशों में जाते हैं. इसका कारण ये है कि भारत में मेडिकल की पढ़ाई विदेशों की अपेक्षा काफी महंगी है. जहां विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई 35 से 40 लाख के बीच पूरी हो जाती है तो वहीं भारत में इसके लिए करीब 50 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

    भारत में मेडिकल की पढ़ाई के लिए NEET की परीक्षा पास करनी जरूरी है. मेडिकल के लिए 90 हजार सीटें भारत में हैं. तो वहीं जो लोग विदेश से मेडिकल डिग्री हासिल करते हैं, उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एक्जामिनेशन (FMGE) पास करना पड़ता है, तभी वो भारत में इलाज करने के योग्य घोषित किए जाते हैं.

    बता दें कि यूक्रेन के शहर खारकीव में रूसी हमले में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र की मौत हो गई है. पिछले हफ्ते से जब से यूक्रेन पर रूस का हमला हुआ है, तब से लगातार भारतीय छात्रों के वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें वो जान बचाने और सुरक्षित स्वदेश वापसी की गुहार लगा रहे हैं.