शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला- ‘यह राम राज्य है क्या? देश में अघोषित आपातकाल है – बंद कीजिए जय किसान का नारा’

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sanjay raut
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‘यह राम राज्य है क्या? उत्तर प्रदेश (UP) में इतना बड़ा हत्याकांड होने के बावजूद शाहरुख खान ( Shahrukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के नशे की खबर ज्यादा अहम है तो बंद कीजिए जय जवान, जय किसान का नारा’, शिवसेना (Shiv Sena on Lakhimpur Kheri Violence) ने इन शब्दों में बीजेपी (BJP) की मोदी सरकार (Modi Government) पर हमला किया है.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी में केंद्रीय मंत्री के बेटे की गाड़ी से किसानों की मौत के बाद बीजेपी की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने जिले को सील कर दिया है. किसानों से मिलने के लिए निकले विपक्षी पार्टी के नेताओं को अरेस्ट कर लिया गया है. कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को अरेस्ट किया गया है. इस पर शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने सवाल करते हुए कहा है कि क्या यही राम राज्य है?

प्रियंका गांधी का गुनाह क्या? किसानों से सरकार माफी मांगे
संजय राउत ने कहा, ” प्रियंका गांधी से आपके राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं. कांग्रेस से हो सकते हैं. लेकिन उनका गुनाह क्या है कि उन्हें बिना वारंट अरेस्ट किया गया है? वे इंदिरा गांधी की नातिन हैं. यही राम राज्य है क्या? किसानों के साथ जो हुआ, उस पर इस सरकार को माफी मांगनी ही चाहिए. देश में अघोषित आपातकाल है.” पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने यह कहा.

‘सामना’ संपादकीय में भी बीजेपी पर शिवसेना का ज़ोरदार हमला
इसके अलावा शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में भी बीजेपी पर ज़ोरदार हमला किया गया है. इसमें लिखा गया है, ” महाराष्ट्र में बीजेपी के नेता मराठवाडा, विदर्भ के संकटग्रस्त किसानों से मिलने गए, उन्हें किसी ने नहीं रोका. लेकिन यूपी के किसानों की हत्या की गई. किसानों को मारना और विपक्षी नेताओं का मुंह बंद करना कैसा लोकतंत्र है? अगर केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा किया गया यह अपराध किसी दूसरे राज्य (गैर भाजपा शासित) में घटा होता तो बीजेपी देश को सर पर उठा लेती. ”

शाहरुख के बेटे का व्यसन ज्यादा अहम तो बंद कीजिए ‘जय किसान’ बोलना
शिवसेना ने कहा है कि किसानों को गुनाहगार, अराजक बताने की कवायद शुरू है. किसानों की हत्या से ज्यादा किसी अमीर के बेटे के व्यसन की बात ज्यादा अहम है तो ‘जय जवान, जय किसान’ नारा किस लिए देते हैं? बंद कीजिए यह सब.