शरद पवार का अमित शाह पर हमला, बोले – ‘गृहमंत्री दिल्ली को हिंसा से बचाने में असफल रहे’

222
Sharad-Pawar

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को देश में सांप्रदायिक तनाव और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने विदेशी नेताओं को अकेले गुजरात में आमंत्रित करने के केंद्र के फैसले पर भी सवाल उठाया। पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि मैंने इंदिरा, राजीव, नरसिम्हा राव, मनमोहन का कार्यकाल देखा। जब अन्य देशों के नेता भारत (तब) आते थे, तो वे दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता जाते थे। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। हालांकि वे नेता भारत आते हैं लेकिन गुजरात जाते हैं। पवार यहां ही नहीं रुके उन्होंने जहांगीरपुरी इलाके में हुई हालिया हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा से दुनिया के अन्य देशों में गलत संदेश जा रहा है।

मूर्खों के स्वर्ग में रह रही केंद्र सरकार: पवार
पवार ने एनसीपी नेता अनिल देशमुख और नवाब मलिक की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा – दोनों मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रहे हैं।पवार ने कहा कि पहले केंद्र सरकार ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर ₹100 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया, लेकिन बाद में उनके बयान को बदलकर चार करोड़ रुपये कर दिया। इसी तरह, (राज्य मंत्री) नवाब मलिक के खिलाफ 20 साल पुराने मामले को चुनिंदा रूप से खोला गया था और उन्हें फंसाया गया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि एनसीपी या अन्य विपक्षी दलों का ईडी या सीबीआई की मदद से गला घोंटा जा सकता है, तो वे मूर्खों के स्वर्ग में रह रहे हैं।

दिल्ली हिंसा के लिए अमित शाह जिम्मेदार: पवार
इस महीने हनुमान जयंती जुलूस के दौरान दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई हालिया हिंसा के बारे में बात करते हुए, एनसीपी प्रमुख ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय राजधानी को सांप्रदायिक दंगों से बचाने में विफल रहे। पवार ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है। पवार ने लोगों से कहा कि अगर दिल्ली में कुछ होता है, तो दुनिया में संदेश जाता है। दुनिया कल्पना करेगी कि दिल्ली में अशांति है। उन्होंने कहा कि अमित शाह को दिल्ली को एकीकृत और अविभाजित रखने के लिए कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे। आपके पास शक्ति है, लेकिन आप दिल्ली जैसे शहर को संभाल भी नहीं सकते।