टेस्ट मैच के तीसरे दिन ही जीत की लग गयी मुहर, स्कॉट बोलैंड बने मैच के हीरो

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Ashes Australia vs England
Ashes Australia vs England

मेलबर्न टेस्ट, तीसरा दिन. दिन के खेल में अभी 80 मिनट ही गुजरे थे कि ऑस्ट्रेलिया की जीत पर मुहर लग गई. फैंस अभी धीरे-धीरे स्टेडियम में एंट्री ही ले रहे थे कि इंग्लैंड की हार की खबर आ गई. पता चला कि एक आदिवासी क्रिकेटर स्कॉट बोलैंड की आंधी में इंग्लैंड की टीम उड़ चुकी है. 32 साल के टेस्ट डेब्यूटेंट ने अकेले ही दूसरी इनिंग में इंग्लैंड की आधी टीम साफ कर दी. 4 ओवर में 7 रन देकर 6 विकेट चटकाते हुए बोलैंड ना सिर्फ मेलबर्न बल्कि ऑस्ट्रेलिया की एशेज जीत के भी हीरो बन गए. इस टेस्ट में उन्होंने पहली और दूसरी इनिंग मिलाकर कुल 7 विकेट चटकाए.

स्कॉट बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले वो महिला और पुरुष मिलाकर चौथे आदिवासी क्रिकेटर हैं. वहीं जेसन गिलेस्पी के बाद टेस्ट टीम में शामिल किए वो दूसरे आदिवासी मेंस क्रिकेटर हैं. मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू का मौका 32 साल के बोलैंड को जोश हेजलवुड के चोटिल होने के बाद मिला था, जिसे उन्होंने दोनों हाथों से लपका. पहली इनिंग में बेशक वो 48 रन देकर 1 विकेट ही ले सके. लेकिन दूसरी इनिंग में खेल को खत्म करने की उनकी रफ्तार कुछ इतनी तेज रही, कि उनके पिता ही ऑस्ट्रेलिया के एशेज जीत के उस नजारे को देखने से चूक गए.

रअसल, हुआ ये कि स्कॉट बोलैंड के पिता मिक बोलैंड का इरादा मेलबर्न टेस्ट में तीसरे दिन के आखिरी दो सेशन का खेल देखने का था. लेकिन उनके बेटे ने पहले सेशन में ही इंग्लैंड का काम तमाम कर दिया. इंग्लिश टीम की हालत इतनी खराब रही कि वो ऑस्ट्रेलिया की 82 रन की मामूली लीड से भी पार नहीं पा सकी और 68 रन पर ऑल आउट हो गई. ये पिछले 117 साल के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड का बनाया सबसे छोटा स्कोर है.

तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया की एशेज जीत के सरदार बने है. सबसे अच्छी बात ये है कि ये कमाल उन्होंने अपने ही होम ग्राउंड यानी मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर किया है. विक्टोरिया के इस खिलाड़ी ने यहां 27 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 25.56 की औसत के साथ 96 विकेट चटकाए हैं. हाल ही में हुए शेफील्ड शील्ड में उन्होंने 10.80 की औसत से 15 विकेट सिर्फ 2 मैचों में हासिल किए थे. बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे और टी20 डेब्यू साल 2016 में ही कर चुके थे. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेलने के लिए उन्हें साल 2021 और पैट कमिंस के कप्तान बनने का इंतजार करना पड़ा.