Russia ने इंस्टाग्राम किया बैन, जुकरबर्ग की कंपनी Meta को घोषित किया ‘चरमपंथी संगठन’

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रूस ने अपने यहां इंस्टाग्राम पर बैन लगा दिया है. ये बैन 14 मार्च से प्रभावी हो जाएगा. साथ ही मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा को ‘चरमपंथी संगठन’ घोषित कर दिया है. रूस द्वारा ये कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब मेटा ने ऐलान किया था कि वह वर्तमान में मौजूद नियमों को खत्म कर रही है. इस तरह अब उसके प्लेटफॉर्म्स पर यूजर ‘रूस मुर्दाबाद’ जैसे शब्द यूज नहीं कर पाएंगे. बता दें कि मेटा इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक का स्वामित्व रखती है. इंटरफैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनी को ‘चरमपंथी संगठन’ घोषित करने का ऐलान रूसी संघ के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने किया है.

रूसी संघ के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने कहा, ‘संघीय कानून ‘ऑन काउंटरिंग एक्सट्रीमिस्ट एक्टिविटी’ के अनुसार, रूसी संघ के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने मेटा प्लेटफॉर्म इंक को एक चरमपंथी संगठन के रूप में घोषित करने और रूसी संघ के क्षेत्र में इसकी गतिविधियों पर बैन लगाने के लिए अदालत को एक आवेदन भेजा.’ रूस के स्वामित्व वाली न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि मेटा के खिलाफ उठाए गए कदमों की वजह से व्हाट्सएप के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कम्युनिकेशन का एक साधन. यहां पर सूचना को पोस्ट नहीं किया जाता है.

युवाओं में पॉपुलर हैं इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप
रूस ने पहले ही फेसबुक के खिलाफ कड़े कदम उठाए हुए हैं. इसे देश में बैन कर दिया गया है. लेकिन इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सबसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं. खासतौर पर युवाओं के बीच ये काफी पॉपुलर हैं. यही वजह है कि अभी तक इन दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई फैसला नहीं किया गया था. दरअसल, अमेरिका ने रूस की कई कंपनियों पर बैन लगाया है. ऐसे में इस कदम को एक जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की चौतरफा आलोचना की जा रही है. रूस पर दबाव बनाने के लिए दुनिया के कई देशों ने उसके ऊपर प्रतिबंध लगाए हैं.

यूक्रेन को दी जा रही है मदद
युद्ध को देखते हुए यूक्रेन को पश्चिमी मुल्कों की तरफ से बड़ी संख्या में मदद मिल रही है. यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि वे यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस पर नए प्रतिबंध लगाकर उसपर दबाव बनाते रहेंगे. इसके अलावा यूक्रेन को दिये जा रहे सैन्य सहयोग में इजाफा किया जाएगा. EU के शीर्ष राजनयिक जोसेप बोरेल ने कहा कि वर्सलीज में हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन में 27 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान वे यूक्रेन को सैन्य मदद देने के लिये बनाए गए कोष में 500 मिलियन यूरो का अतिरिक्त सहयोग देने पर विचार करेंगे. इससे पहले EU ने यूक्रेन की सैन्य मदद के तौर पर 450 मिलियन यूरोप देने पर सहमति जतायी थी.