पोर्नोग्राफी केस पर पहली बार बोले राज कुंद्रा-अश्लील कंटेंट में कभी नहीं हुआ शामिल-पूरा प्रकरण एक साजिश के अलावा और कुछ नहीं

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बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को इस साल की शुरुआत में एक पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत दे दी गई। राज कुंद्रा ने सोमवार को दावा किया कि वह अपनी जिंदगी में कभी भी अश्लील कंटेंट के प्रोडेक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल नहीं रहे हैं।

एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक बयान में, कुंद्रा ने कहा कि पूरा प्रकरण एक साजिश के अलावा और कुछ नहीं था।

बिजनेसमैन ने यह भी कहा कि मीडिया द्वारा पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, और वह चाहते हैं कि इस निरंतर “मीडिया ट्रायल” के बाद उनकी गोपनीयता में कोई दखल न हो।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कुंद्रा को कथित तौर पर अश्लील वीडियो डिस्ट्रीब्यूट करने के आरोप में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तारी से राहत प्रदान की थी।

इस साल जुलाई में, कुंद्रा को मुंबई पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था, जहां उन पर एक ऐप के जरिए पोर्न फिल्में डिस्ट्रीब्यूट करने का आरोप लगाया गया था। सितंबर में उन्हें इस मामले में जमानत मिली थी।

सोमवार को कुंद्रा ने कहा, ”बहुत चिंतन के बाद, कई भ्रामक और गैर-जिम्मेदार बयानों और लेखों को देखते हुए मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरी चुप्पी को कमजोरी समझा गया है। मैं यह कहकर शुरू करना चाहता हूं कि मैं अपनी जिंदगी में कभी भी पोर्नोग्राफी के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल नहीं हुआ हूं।”

उन्होंने कहा, “यह पूरा प्रकरण एक साजिश के अलावा और कुछ नहीं है। मामला विचाराधीन है इसलिए मैं स्पष्ट नहीं कर सकता, लेकिन मैं मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हूं और मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, जहां सच्चाई की जीत होगी।”

कुंद्रा ने कहा कि उनका मानना ​​है कि सम्मान के साथ जीना हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और वह यही अनुरोध करते हैं।

बिजनेसमैन पर भारतीय दंड संहिता, महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (रोकथाम) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कथित रूप से स्पष्ट यौन वीडियो प्रोड्यूस/डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए मामला दर्ज किया गया था।

गिरफ्तारी के डर से, कुंद्रा ने पहले एक सेशन अदालत से अग्रिम जमानत मांगी, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया, इसलिए उन्होंने यह दावा करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया।