पोर्नोग्राफी केस में राज कुंद्रा को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका – अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

269
bombay-high-court-rejected-anticipatory-bai-application

अश्लील फ़िल्में बनाने और डिस्ट्रीब्यूट करने से जुड़े मामले में बॉलीवुड ऐक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) के पति राज कुंद्रा (Raj Kundra Pornography Case) की मुश्किलें फिर बढ़ती नज़र आ रही हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पोर्न फिल्म रैकेट मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. राज ने कोर्ट से कहा था कि उनकी प्रोडक्शन कंपनी के बनाए वीडियोज ‘इरॉटिक’ जरूर थे लेकिन उन्हें पोर्न नहीं माना जाना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने उनकी ये दलील नहीं मानी है.

राज कुंद्रा के अलावा अभिनेत्री पूनम पांडे (Poonam Pandey) और शर्लिन चोपड़ा (Sharlin Chopra) समेत कुल 6 लोगों ने अग्रिम जमानत के लिए ये याचिका लगाई थी. राज कुंद्रा को इससे पहले इसी साल जुलाई में पोर्न फिल्म के ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था. इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही थी. उन्हें उस मामले में सितंबर महीने में जमानत मिली थी. राज कुंद्रा ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट को जवाब देते हुए कहा था कि वीडियो कामुक हो सकते हैं लेकिन सेक्सुअल गतिविधि को नहीं दिखाते हैं.

अंतरिम सुरक्षा 4 सप्ताह के लिए बढ़ाई गई
हालांकि जस्टिस एन डब्ल्यू साम्ब्रे ने इन सभी आरोपियों की किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अंतरिम सुरक्षा को 4 सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है. मुंबई पुलिस के साइबर सेल में दर्ज पोर्न रैकेट के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे राज कुंद्रा ने अदालत को बताया कि आईटी अधिनियम की धाराएं, 67, और 67 (ए) भारत में लागू नहीं हैं.

राज कुंद्रा के वकीलों प्रशांत पी पाटिल और स्वप्निल अंबुरे द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में कहा गया है कि व्यवसायी के खिलाफ अभियोजन का एकमात्र आरोप अभिनेता शर्लिन चोपड़ा और पूनम पांडे के कथित व्यक्तिगत वीडियो के संबंध में है, जो मामले में सह-आरोपी हैं.

शर्लिन चोपड़ा और पूनम पांडे को सिर्फ ऐप मुहैया कराया था
राज के वकील ने कहा कि शर्लिन चोपड़ा और पूनम पांडे को कंपनी द्वारा सिर्फ ऐप मुहैया कराया गया था लेकिन उस व्यक्तिगत ओटीटी ऐप पर प्रसारण और वितरण का पूर्ण नियंत्रण दोनों अभिनेत्रियों के पास ही था. राज कुंद्रा को मुंबई क्राइम ब्रांच ने 19 जुलाई को ‘हॉटशॉट्स’ नामक एक मोबाइल ऐप का उपयोग करके अश्लील फिल्में बनाने और वितरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

कुंद्रा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 34 (सामान्य इरादा), 292 और 293 (अश्लील और अश्लील विज्ञापनों और प्रदर्शनों से संबंधित) के अलावा आईटी अधिनियम और महिलाओं को अभद्र तरीके से पेश करने के आरोप में केस दर्ज किया था. मुंबई पुलिस द्वारा उनके खिलाफ चार्जशीट दायर करने के बाद सितंबर में कुंद्रा को जमानत दे दी गई थी.