यूक्रेन को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच विवाद बढ़ा, पुतिन ने कहा- ‘रूस को घेर रहा अमेरिका’

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Russian president Putin
Russian president Putin

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन मसले पर नाटो देशों के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका पर निशाना साध है. उन्होंने पहली बार अपनी चप्पी तोड़ते हुए अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह रूस को घेरने के लिए यूक्रेन का इस्तेमाल कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने इस बात की उम्मीद जताई कि यूक्रेन संकट के चलते उपजे तनाव को खत्म करने के लिए रूस और पश्चिमी देश किसी समाधान तक पहुंच सकते हैं. पुतिन ने ये भी कहा कि रूस फिलहाल अमेरिका और नाटो देशों की प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है.

पुतिन ने कहा कि अमेरिका और नाटो की तरफ से मिले सवालों के जवाब पर्याप्त नहीं हैं. उन्होंने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी रूस की सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं. बता दें यूक्रेन संकट के कारण रूस और पश्चिमी देशों के बीच एक महीने से भी अधिक वक्त से तनाव बना हुआ है. मसले पर पहली बार बयान देते हुए पुतिन आक्रामक रूप से बोलते दिखे. पुतिन ने कहा कि ये स्पष्ट हो चुका है कि पश्चिमी देश रूस की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

इन मांगों में नाटो (अमेरिका के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन) का यूक्रेन और दूसरे पूर्व सोवियत राष्ट्रों में विस्तार पर रोक और रूस की सीमा के पास घातक हथियारों की तैनाती पर रोक लगाने को कहा गया है. हालांकि अमेरिका ने रूस की मांगें मानने से इनकार कर दिया. पुतिन ने कहा कि वह तनाव कम करने के लिए और अधिक बातचीत को तैयार हैं. उन्होंने हंगरी के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने के बाद ही ये बयान जारी किया है. उन्होंने दोहराते हुए कहा कि नाटो देशों को रूस को वैध गारंटी देनी चाहिए, कि वह नाटो का विस्तार नहीं करेंगे और हथियारों की तैनाती को रोकेंगे.

उन्होंने कहा कि नाटो देशों को अपनी उसी सैन्य स्थिति पर वापस लौट जाना चाहिए, जो साल 1997 में थी. पुतिन ने कहा, ‘ऐसा लग नहीं रहा कि अमेरिका को यूक्रेन की सुरक्षा की फिक्र है… उसका मुख्य मकसद रूस का विकास रोकना है.’ उन्होंने कहा कि यूक्रेन ही एक ऐसी चीज है, जिससे इस उद्देश्य को पूरा किया जा सकता है. पुतिन ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि आखिर में हम किसी ना किसी समाधान तक पहुंच जाएंगे.’ इस दौरान वहां मौजूद हंगरी के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यूक्रेन को लेकर रूस और नाटो देशों के बीच गंभीर मतभेद हैं, लेकिन उन्हें कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाना जयादा प्रभावी नहीं है.