Puneeth Rajkumar Funeral: राजकीय सम्मान के साथ किया गया पुनीत राजकुमार का अंतिम संस्कार, हर आंख से छलका आंसू

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कन्नड़ फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता पुनीत राजकुमार का रविवार सुबह यहां कांतिराव स्टूडियो में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. दिग्गज अभिनेता डॉ. राजकुमार के पांच बच्चों में सबसे छोटे पुनीत का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. वह 46 वर्ष के थे.

अभिनेता के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा कांतिराव स्टेडियम से सुबह करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुई. उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम से स्टेडियम में रखा हुआ था जहां हजारों प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी. उनकी अंतिम यात्रा करीब 13 किलोमीटर का सफर तय कर सुबह करीब साढ़े छह बजे अंतिम स्थान स्टूडियो पहुंची. उनका पहले से निर्धारित समय सुबह दस बजे से काफी पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सुरक्षा कारणों की वजह से परिवार के सदस्यों की सहमति से पुनीत का अंतिम संस्कार तय समय से पहले ही कर दिया गया. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों, पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और सिद्दरमैया, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख डी के शिवकुमार समेत कई नेता, कई फिल्मी हस्तियां और राजकुमार के परिवार के सदस्यों ने उन्हें अंतिम विदाई थी.

पुनीत को बचपन से ही जानने वाले बोम्मई भावुक हो गए और उन्हें अंतिम संस्कार से पहले पुनीत के माथे को चूमते हुए देखा गया. सुरक्षा कारणों और स्टूडियो में जगह की कमी के कारण चुनिंदा लोगों और परिवार के सदस्यों को ही अंतिम संस्कार में मौजूद रहने की अनुमति दी गयी. उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस के बैंड ने राष्ट्रगान बजाया और पुलिसकर्मियों ने हवा में तीन गोलियां दागी और इसके बाद सम्मान के तौर पर दो मिनट का मौन रखा गया.

पुनीत के पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे को मुख्यमंत्री ने उनकी पत्नी अश्विनी रेवंत को सौंपा. अभिनेता के निधन के बाद राज्य सरकार ने एलान किया था कि उनका अंतिम संस्कार कांतिराव स्टूडियो में डॉ. राजकुमार पुण्यभूमि में किया जाएगा जहां उनके माता-पिता का अंतिम संस्कार किया गया था.

पुनीत के भतीजे और अभिनेता राघवेंद्र राजकुमार के बड़े बेटे विनय राजकुमार ने इदिगा परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया. पुनीत की पत्नी अश्विनी रेवंत और बेटियों धृति और वंदिता, उनके बड़े भाई शिवराजकुमार, राघवेंद्र राजकुमार और परिवार के कई सदस्यों ने अपने प्रियजन को अश्रुपूर्ण विदाई दी. अंतिम संस्कार सुबह-सुबह किए जाने के बावजूद उनके सैकड़ों प्रशंसक स्टूडियो के सामने और शव यात्रा के मार्ग पर एकत्रित हो गए ताकि अपने प्रिय अभिनेता को अंतिम विदाई दे सकें.