अफगानिस्तान के हालात को प्रधानमंत्री मोदी ने बताया चुनौतीपूर्ण, कहा – वहां से सैकड़ों दोस्तों को भारत लाया गया

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अफगानिस्तान के ताजा हालात को मुश्किल और चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा कि वहां फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जी-जान से प्रयास किये जा रहे हैं. जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं, उससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प के मायनों का भी एहसास होता है.

    उन्होंने कहा, ‘‘यह घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि राष्ट्र के रूप में हर स्तर पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों जरूरी है.’’

    पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया में कहीं भी अगर भारतीय मुश्किल में होते हैं तो भारत हमेशा जी जान से उनकी मदद के लिए खड़ा रहता है. फिर चाहे वो कोरोना काल हो या अफगानिस्तान संकट, दुनिया इसे लगातार महसूस कर रही है. अफगानिस्तान के सैकड़ों दोस्तों को भारत लाया गया है.”

    गुरबाणी की कुछ पंक्तियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमें सिखाती है कि सुख दूसरों की सेवा से ही आता है और हम सुखी तभी होते हैं जब हम अपने साथ-साथ अपनों की पीड़ा को भी अनुभव करते हैं. ऑपरेशन देवी शक्ति के तहत अफगानिस्तान से भारत लाए जा रहे लोगों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चुनौतियां बहुत हैं, हालात मुश्किल हैं लेकिन गुरु कृपा भी हम पर बनी हुई है.’’

    उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के साथ पवित्र गुरु ग्रंथ साहब के स्वरूप को भी सिर पर रखकर भारत लाए हैं.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों (अफगानिस्तान की) से सताए हुए अपने लोगों के लिए देश में नए कानून भी बनाए गए हैं.

    उन्होंने कहा, ‘‘आज जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं, उससे हमें यह एहसास भी होता है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के क्या मायने होते हैं. यह घटनाएं हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के रूप में हर स्तर पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों जरूरी है.’’

    आजादी के 75 वर्ष के अवसर पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आह्वान किया, ‘‘हम अपने राष्ट्र की बुनियाद को मजबूत करें और उस पर गर्व करें. आजादी का अमृत महोत्सव आज इसी संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है.’’

    इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अमृतसर में जलियांवाला बाग स्मारक स्थल पर विकसित कुछ संग्रहालय दीर्घाओं का भी उद्घाटन किया. लंबे समय से बेकार पड़ी और कम उपयोग वाली इमारतों का दोबारा अनुकूल इस्‍तेमाल सुनिश्चित करते हुए चार संग्रहालय दीर्घाएं निर्मित की गई हैं.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक यह दीर्घाएं उस अवधि के दौरान पंजाब में घटित विभिन्‍न घटनाओं के विशेष ऐतिहासिक महत्‍व को दर्शाती हैं. इन घटनाओं को दिखाने के लिए श्रव्य-दृश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रस्तुति की व्यवस्था है जिसमें मैपिंग और थ्री डी चित्रण के साथ-साथ कला एवं मूर्तिकला अधिष्ठापन भी शामिल हैं।