पाकिस्तान: सत्ता बचाने में सफल रही इमरान सरकार, विपक्ष की गैरमौजूदगी में विश्वासमत किया हासिल, समर्थन में पड़े 178 वोट

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Imran-Khan
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सीनेट चुनाव में हार के बाद संसद में इमरान खान ने सरकार का बहुमत साबित कर दिया है। पाकिस्तान की संसद में शनिवार को इस पर वोटिंग की गई जिसका विपक्ष ने बहिष्कार कर दिया। इमरान और उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की निगाहें पार्टी के उन नेताओं पर रहीं जिन पर सीनेट चुनाव में पार्टी का साथ छोड़ विपक्ष का दामन थामने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, जब वोट पड़े तो सरकार को आसानी से बहुमत मिल गया।

देश के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सरकार के समर्थन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। दरअसल, सीनेट चुनाव में सरकार के वित्त मंत्री हफीज शेख विपक्ष के उम्मीदवार यूसुफ रजा गिलानी से हार गए थे जिसके बाद सरकार से इस्तीफे की मांग उठने लगी। इस पर सरकार ने विश्वास मत साबित करने का ऐलान किया। देश के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने शनिवार को 12:15 बजे इसके लिए सत्र बुलाया जिसका विपक्ष ने बहिष्कार कर दिया।

इस दौरान विपक्ष के नेता संसद के बाहर प्रेस को ब्रीफिंग दे रहे थे जब सरकार के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल अचानक गर्म होने लगा। संसद के बाहर मौजूद पार्टी के समर्थकों ने PML-N नेताओं के साथ बदसलूकी भी की और पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी को दौड़ा भी लिया।

पाकिस्तानी संसद में कुल 342 सीटें हैं लेकिन एक सीट खाली होने के कारण अब बचीं कुल 341 सीटों में से बहुमत साबित करने के लिए इमरान की सरकार को 171 वोट चाहिए थे। सरकार के पास इस वक्त 178 सीटें हैं और विपक्ष के पास 160। वहीं, पार्टी और गठबंधन दलों की बैठक में 179 नेता पहुंचे भी थे। बावजूद इसके इमरान ने सीनेट में मिले ‘धोखे’ से सावधान होते हुए विप जारी किया है और पार्टी के सांसदों को पार्टी लाइन पर ही वोट डालने के लिए कहा था।