Pandora Papers Case: पाकिस्तान के पीएम इमरान खान बोले- दस्तावेज में जिनके नाम आए हैं, उनकी जांच होगी

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Imran Khan

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा है कि पेंडोरा पेपर्स में देश के जिन-जिन नागरिकों के नाम आए हैं, सरकार उनकी जांच करवाएगी. इसमें 700 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों के नाम हैं, जिनमें कुछ मंत्री और उनके परिवार के सदस्य और बड़े व्यवसायी भी हैं.

दुनिया भर की चर्चित हस्तियों के वित्तीय निवेशों को इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) द्वारा ‘पेंडोरा पेपर्स’ नाम से उजागर किए जाने के बाद खान ने रविवार को एक बयान में यह कहा है.

लीक दस्तावेजों के मुताबिक वित्त मंत्री शौकत तारिन, जल संसाधन मंत्री मूनिस इलाही, सीनेटर फैसल वावड़ा, उद्योग और उत्पादन मंत्री खुसरो बख्तियार के परिवार सहित अन्य लोगों के विदेशी कंपनियों से जुड़ाव पाए गए. प्रधानमंत्री ने कहा, ”मेरी सरकार पेंडोरा पेपर्स में दर्ज देश के सभी नागरिकों की जांच करेगी और यदि कोई गलत काम पाया जाता है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे. मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस गंभीर अन्याय को जलवायु परिवर्तन संकट के समान मानने का आह्वान करता हूं.”

इमरान खान ने कहा कि जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की संपत्ति को लूटा, वैसे ही विकासशील देशों के अभिजात वर्ग कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, ”दुर्भाग्य से, अमीर देशों की न तो इस बड़े पैमाने की लूट को रोकने में दिलचस्पी है और न ही इस लूटे गए धन को वापस लाने में.”

इमरान खान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव के वित्तीय जवाबदेही, पारदर्शिता और अखंडता पैनल (एफएसीटीआई) ने गणना की है कि सात ट्रिलियन डॉलर की रकम को छुपाकर रखा गया है. खान ने कहा कि उनका ”दो दशकों से अधिक का संघर्ष इस विश्वास पर आधारित रहा है कि देश गरीब नहीं हैं, बल्कि भ्रष्टाचार गरीबी का कारण बनता है क्योंकि पैसा हमारे देश में निवेश करने से हटा दिया जाता है.”

पेंडोरा पेपर्स में पाकिस्तानी सेना के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों, व्यवसायियों के नाम हैं, जिसमें एक्सैक्ट के सीईओ शोएब शेख और मीडिया कंपनी के मालिक भी शामिल हैं. ‘जियो न्यूज’ की एक खबर के अनुसार, लीक हुए दस्तावेजों से पता चला है कि प्रधानमंत्री खान के आंतरिक घेरे के प्रमुख सदस्यों ने लाखों डॉलर की संपत्ति छिपा रखी है, जिनमें कैबिनेट मंत्री, उनके परिवार और कंपनियों, ट्रस्ट का संचालन कर रहे प्रमुख वित्तीय समर्थक भी शामिल हैं.

इस रिपोर्ट को 117 देशों के 150 मीडिया संस्थानों के 600 पत्रकारों की मदद से तैयार किया गया. इसे ‘पेंडोरा पेपर्स’ (भानुमति के पिटारे से निकले दस्तावेज) करार दिया जा रहा है, क्योंकि इसने प्रभावशाली एवं भ्रष्ट लोगों के छुपाकर रखे गए धन की जानकारी दी और बताया है कि इन लोगों ने किस प्रकार हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति को छुपाने के लिए विदेश में खातों का इस्तेमाल किया.

पत्रकार फखर दुर्रानी के साथ जांच का हिस्सा रहे पाकिस्तानी खोजी रिपोर्टर उमर चीमा ने जियो न्यूज के साथ विवरण साझा किया. दोनों पत्रकार जंग ग्रुप के स्वामित्व वाले द न्यूज अखबार से जुड़े हैं, जो जियो न्यूज का भी मालिक है.