ओमीक्रॉन वेरिएंट के खतरे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की राज्यों के साथ बड़ी बैठक, एयरपोर्ट स्क्रीनिंग पर चर्चा

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    Health Minister Mansukh Mandaviya
    Health Minister Mansukh Mandaviya

    कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के दक्षिण अफ्रीका में मिलने और उसके बाद दुनिया के 25 देशों में अब तक इसके प्रसार से दहशत का माहौल है. हालांकि, भारत में अब तक कोरोना के इन नए वेरिएंट की अब तक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन, भारत सरकार इसको लेकर अलर्ट मोड में है. शीतकालीन सत्र के दौरान आज कोरोना पर लोकसभा में चर्चा होगी. लेकिन, उससे पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया राज्यों के साथ बैठक कर रहे हैं. यह बैठक सुबह 10 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही है. इस बैठक में एयरपोर्ट के स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं.

    नए वेरिएंट से दुनिया में दहशत

    अमेरिका और यूएई में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के पाए जाने के बाद अब यह संक्रमण दुनिया के 25 देशों में फैल चुका है. इधर, कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप ने बुधवार को विश्व की परेशानी और बढ़ा दी क्योंकि जापान ने यात्रा प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया. वहीं, वायरस के नये स्वरूप से संक्रमण के मामले कुछ और स्थानों पर सामने आए हैं और नये साक्ष्य से यह स्पष्ट हो गया है कि यह स्वरूप सोचे गये समय से हफ्तों पहले से व्याप्त था.

    ओमीक्रोन के बारे में ज्यादा जानकारी अभी नहीं है, जैसे कि यह कितना संक्रामक है, क्या यह टीकों को चकमा दे सकता है आदि. हालांकि,यूरोपीय आयोग प्रमुख ने स्वीकार किया है कि विश्व को इस बारे में वैज्ञानिकों का और जवाब देना लंबा खींच सकता है. इस बीच, यूरोप के कई देश अब भी कोविड के पुराने स्वरूप डेल्टा से जूझ रहे हैं. वहां संक्रमण के मामले तीव्र गति से बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने की दर भी बढ़ी है.

    कई देशों ने लगाई यात्रा पर पाबंदी

    वहीं, जापान ने अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा है. उसने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन को देश में आने वाली उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग दिसंबर अंत के बंद करने को कहा है. जापान ने पेरू से कतर होते हुए आये एक व्यक्ति में इस स्वरूप की पुष्टि की है जो देश में ओमीक्रोन का दूसरा मामला है. हालांकि, विश्व के कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से यात्रियों के आगमन को निषिद्ध कर दिया है. अमेरिका अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए जांच की जरूरतों को कठोर करने का कदम उठा रहा है.

    दक्षिण अफ्रीकी अनुसंधान में विश्व स्वास्थ्य संगठन को पिछले हफ्ते ओमीक्रोन के बारे में सतर्क किया गया था लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि कहां या कब यह नया स्वरूप पहली बार प्रकट हुआ. हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह दक्षिण अफ्रीका से पहले से यूरोप में मौजूद था. लेकिन नाइजीरिया ने बुधवार को बताया कि उसके जन स्वास्थ्य संस्थान ने कहा है कि उसने अक्टूबर में एकत्र किये गये एक नमूने में यह स्वरूप पाया था. साथ ही यह इस म्यूटेशन का पहला ज्ञात मामला है. इस बीच सउदी अरब ने बुधवार को कहा कि उसने ओमीक्रोन के प्रथम मामले की पुष्टि की है.