BJP में जाने की बात पर भड़के मनीष तिवारी, बोले- हम किराएदार नहीं हिस्सेदार है

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Manish Tiwari
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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने गुरुवार को हम कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे लेकिन अगर कोई मुझे (धक्के देकर निकालना चाहे) पार्टी से बाहर करना चाहता है तो यह अलग बात है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि आपके बारे में भी बड़ी अफवाहें उड़ रही हैं कि आप भी बीजेपी में जाएंगे. इसके जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम कोई कांग्रेस पार्टी में किराएदार थोड़ी हैं, हम हिस्सेदार हैं. अगर कोई धक्के देके निकालना चाहे तो ये दूसरी बात है. हमने 40 साल अपनी जिंदगी के इस पार्टी को दिए हैं. हमारे परिवार ने इस देश की एकता और अखंडता के लिए खून बहाया है. हम विचारात्मक सियासत में यकीन रखते हैं. मैंने ये बात पहले भी कई बार कहा है.’

बता दें कि पंजाब से पूर्व सांसद अश्विनी कुमार (Ashwini Kumar) के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी के अंदर आंतरिक कलह बढ़ गई है. पंजाब के नेताओं सहित जी 23 समूह ने चिंता जाहिर की है. वहीं मनीष तिवारी ने इसे बेहद दुख का विषय करार दिया था. तिवारी कांग्रेस पार्टी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था, ‘दुखद. हमारे बीच मत भिन्नता थी, लेकिन यह बहुत ही सभ्य तरीके से थी. दुर्भाग्यपूर्ण है कि अश्विनी कुमार को यह फैसला करने के लिए विवश होना पड़ा.’ उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने इस्तीफे में जो लिखा है उसमें कुछ सच्चाई हो सकती है और 2020 में जी23 नेताओं ने भी यही चिंता जताई थी. दरअसल अश्विनी कुमार ने कांग्रेस के साथ अपने दशकों पुराने संबंध को खत्म करते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी से वरिष्ठ नेताओं का बाहर होना ‘गंभीर चिंता का विषय’ है.

सुनील जाखड़ पर क्या बोले मनीष तिवारी?
मनीष तिवारी असंतुष्ट कांग्रेसी नेताओं के समूह जी-23 का हिस्सा थे, जिन्होंने संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी. आनंदपुर साहिब के सांसद ने कहा कि कुमार का इस्तीफा “हम में से अधिकांश के लिए बड़ी चिंता का विषय था.” मनीष तिवारी ने कहा, वह एक अच्छे इंसान हैं, एक बहुत अच्छे वकील हैं जिनके पास उत्कृष्ट तर्क हैं. उन्होंने अपने इस्तीफे में जो कहा है, उसमें कुछ सच हो सकता है. इन चिंताओं को 2020 में G23 समूह द्वारा पार्टी आलाकमान के संज्ञान में लाया गया था. लेकिन उनकी नजर राज्यसभा की एक सीट पर है. वहीं उन्होंने सुनील जाखड़ पर निशाना साधा और कहा कि पंजाब में हिंदू-सिख मुद्दे को उठाने वाले पाकिस्तान की आईएसआई के हाथों में खेल रहे हैं.

कुमार का पार्टी से 46 साल का नाता
पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने पार्टी के साथ 46 साल के लंबे जुड़ाव के बाद मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. अश्विनी कुमार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के दो कार्यकाल वाली सरकार के कैबिनेट का हिस्सा थे. वर्तमान में, उनका कांग्रेस पार्टी में कोई मुख्य प्रोफाइल नहीं था और उनका AICC में कोई पद नहीं था. वह राज्यसभा से चुने गए थे और उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का करीबी माना जाता है.