जनपद हुआ जननेताओं से विहीन, नई साफ- सुथरी स्वच्छ छवि की लगानी पड़ेगी पौध-रियाजुल्ला खान

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Riazullah Khan
Riazullah Khan

जनपद खीरी को पिछले दो तीन वर्षों में सियासत के क्षेत्र में लगातार कई आघात लगे, अगर आम बोल चाल में कहें तो खीरी जनपद में जननेताओं का अकाल पड़ गया पिछले वर्षों में पूर्व मंत्री यशपाल चौधरी जी,कृष्ण गोपाल पटेल जी ,धीरेंद्र मोहन,बाबू बंशीधर राज,निर्वेन्द्र कुमार मिश्राऔर अभी अरविंद गिरी जी ये ऐसे नेता थे जिनपर जनता को भरोसा था अपने आप में एक ब्रांड थे कार्यकर्ताओ का सम्मान और जनहित इनका एक मात्र उद्देश्य था।किसी भी जननेता की ख्याति ,चरित्र और उसकी नेतृत्व क्षमता का आंकलन चुनावी राजनीति से नही किया जा सकता आज जनपद खीरी में इन नेताओं की बराबरी का कोई चेहरा नही दिखाई पड़ता आज कई नेता जो चुनाव तो जीत जाते लेकिन उनका नैतिक चरित्र एक साधारण लम्पट व्यक्ति से अधिक नही राजनीति की सुचिता, सहनशीलता,और जनसेवा की कसौटी पर कोई खरा उतरता हुआ नही दिखाई पड़ता,कई नेता जिनकी भाषा शैली निम्न स्तर की है कुछ के काम केवल भूमि हड़पना या ये कहे भूमाफिया ,स्मगलर भी आज नेता बन बैठे है ।ऐसे लोग चुनाव ज़रूर जीत जाते है और अभी भी जनपद में कुछ शालीन नेता बचे है लेकिन लम्पट नेताओ के चलते जनपद की जनता दबंग छवि अभद्र भाषा शैली वाले नेताओं को अपना हितैषी मानने लगी है जबकि इसी जनपद ने पूर्व सांसद रवि वर्मा जी की सादगी,शालीनता को विनय कटियार जैसे नेता की शैली पर वरीयता दे कर जिताया था।लेकिन आज की परिस्थितियों में जनपद की राजनीतिक स्तर में जो गिरावट आई है उसमें जनपद खीरी की जनता को आने वाले समय में जननेता और चरित्रवान लोगो पे फिर से भरोसा करके जनपद खीरी की खोई हुई गरिमा को वापस लाना पड़ेगा ।जनपद की वर्तमान राजनीतिक स्थिति के कारण खीरी जनपद की जो नकारात्मक छवि बन चुकी इसे तोड़ने की ज़िम्मेदारी का बोझ इस जनपद की जनता को तोड़ना पड़ेगा,खीरी जनपद ने हमेशा गुंडों,माफियाओं को यहां पनपने नही दिया लेकिन पिछले कई चुनावों में जो दलीय राजनीति के कुचक्र के कारण गैर चारित्रिक ताकते काबिज़ हो गयी उनको खदेड़ कर साफ सुथरी,छवि वालो को जनसेवा का अवसर देना पड़ेगा नही तो जनपद की राजनीति का स्तर और गिरेगा और गुंडों माफियाओं को जनपद की जनता को इसका मूल्य किसानों की हत्या,चीरहरण जैसे कुकृत्यों के पाप का भागीदार न चाहते हुए बनना पड़ेगा।