हरियाणा में सरकार गिराने के लिए किसान नेताओं ने छेड़ा नया अभियान, अविश्वास प्रस्ताव में केंद्र के खिलाफ वोट करने के लिए विधायकों पर बनाया जा रहा दबाव

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किसान आंदोलन के लिए किसान नेताओं ने अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजनीतिक दांव दिखाने शुरू कर दिए है। हरियाणा में सरकार गिराने के लिए किसान नेताओं ने अभियान छेड़ दिया है और अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। 

इसके अलावा बंगाल के चुनाव में सरकार का विरोध करने के लिए पूरी योजना तैयार की गई है और वहां किसान हर विधानसभा क्षेत्र तक जाएंगे। वहां के लिए कुछ किसान नेताओं के जाने की तैयारी हो चुकी है तो 9 मार्च को बैठक करके अन्य किसान नेताओं की विधानसभा के अनुसार ड्यूटी तय की जाएगी। किसान नेताओं ने खुलकर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी तौर पर भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए चक्रव्यूह रचना शुरू कर दिया है। 

कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। अब हरियाणा विधानसभा में 10 मार्च को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव में विधायकों पर सरकार के खिलाफ वोट करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए उस क्षेत्र के किसान नेता व अन्य लोगों के सहारे दबाव बनाना शुरू कर दिया है। 

जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, उनमें राजनीतिक पार्टियों के साथ ही किसान नेता भी सबसे अहम बंगाल को मान रहे है। इसलिए ही बंगाल की हर विधानसभा तक जाकर भाजपा व सहयोगी दलों का विरोध करने की योजना तैयार हो चुकी है। इसके लिए मंजीत सिंह राय, अभिमन्यु कोहाड़, राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल समेत अन्य कई किसान नेताओं के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। वहीं अन्य किसान नेताओं की ड्यूटी लगाने के लिए 9 मार्च को बैठक की जाएगी और उसमें बंगाल को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।