सरकार ने किसानों को कृषि कानून में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेजा, सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक जारी

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गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार की रात हुई बैठक विफल रहने के बाद सरकार और किसान यूनियनों के बीच आज होने वाली बैठक अब नहीं होगी। सरकार ने किसानों को कृषि कानून में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेजा है। जिस पर किसान नेता सिंघु बॉर्डर पर बैठक कर रहे हैं। यह सरकार के प्रस्ताव से राजी हैं या नहीं यह किसान नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आएगा।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार ने किसानों को कृषि बिलों में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेज दिया है। सरकार अब किसानों की कई मांग मानने को तैयार है। सूत्रों का कहना है कि सरकार अलग से एमएसपी कानून ला सकती है। इसके साथ ही एपीएमसी मंडी एक्ट में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। प्राइवेट प्लेयर्स पर टैक्स लगाने पर भी मंजूरी बनने की खबर है। इसके साथ ही किसानों की समस्याओें के निपटारे के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों के नेताओं के राष्ट्रपति से मिलने के सवाल पर कहा कि, ‘राहुल गांधी, शरद पवार जी और विपक्षी नेता जिन्होंने किसान को दिवालिया बना दिया वो अब किसान के नाम पर राष्ट्रपति महोदय के यहां जा रहे हैं। इन्हें तो किसानों से माफी मांगनी चाहिए, ये किसानों की बदहाली के लिए जवाबदार लोग हैं।