चुनाव आयोग ने 31 जनवरी तक फिजिकल रैली पर लगाया प्रतिबंध

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election commission bans rally till 31 jan
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चुनाव आयोग (EC) ने फिजिकल रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है. चुनाव आयोग के मुताबिक अब 31 जनवरी तक कोई भी राजनीतिक दल फिजिकल रैली और रोड शो नहीं कर सकेगा हालांकि चुनाव आयोग ने पब्लिक मीटिंग को मंजूरी दे दी है. चुनाव आयोग ने 31 जनवरी तक फिजिकल रैली और रोड शो पर रोक के आदेश को जारी रखा है. आयोग ने डोर टू डोर कैंपेन करने के लिए 5 लोगों की संख्या को बढ़ाकर 10 कर दिया है. यह छूट पहले चरण के प्रत्याशियों के लिए 28 जनवरी और दूसरे चरण के लिए 1 फरवरी से लागू होगी.

27 जनवरी को पहले चरण के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया जाएगा, ऐसे में चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को शारीरिक जनसभाओं की अनुमति देने का फैसला लिया है. चुनाव आयोग के फैसले के मुताबिक खुली जगहों पर उम्मीदवार अधिकतम 500 लोगों या जगह की 50 फीसदी क्षमता के साथ सार्वजनिक बैठकें कर सकते हैं. यह आयोजन एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा के हिसाब से 28 जनवरी से 8 फरवरी तक किए जा सकेंगे.

दूसरे चरण के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को 31 जनवरी 2022 को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसीलिए चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों को शारीरिक जनसभाओं की अनुमति देने का फैसला लिया है. इस दौरान अधिकतम 500 लोगों या जगह के हिसाब से 50 फीसदी क्षमता के साथ और एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा के हिसाब से सार्वजनिक सभाओं को इजाजत दी गई है. 1 फरवरी से 12 फरवरी तक ये सभाएं की जा सकेंगी.

चुनाव आयोग ने डोर टू डोर कैंपेन के लिए भी 5 से ज्यादा लोगों को इजाजत दे दी है. अब 5 लोगों की जगह 10 लोग प्रचार के लिए जा सकेंगे, इसमें सुरक्षाकर्मियों को अलग रखा गया है. वहीं डोर टू डोर कैंपेन अभियान के दूसरे दिशा-निर्देश पहले की तरह ही जारी रहेंगे.चुनाव आयोग ने पहले ही राजनीतिक दलों को इस हद तक छूट दी है कि इनडोर जगहों पर 300 लोगों या हॉल की क्षमता के 50 फीसदी या SDM द्वारा निर्धारित सीमा के हिसाब से सभाएं की जा सकेंगी. वहीं सामान्य कोरोना प्रतिबंधों के साथ वीडियो वैन के जरिए भी प्रचार की अनुमति दी गई है. इसमें अधिकतम 500 लोग या खुली जगह की क्षमता के 50 फीसदी लोग SDM द्वारा तय सीमा के के हिसाब से शामिल हो सकेंगे.