दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी जहांगीरपुरी हिंसा की रिपोर्ट – साजिश के तहत में भड़काई गई हिंसा

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दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हिंसा की आरंभिक रिपोर्ट पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक, आपराधिक षड्यंत्र के तहत जहांगीरपुरी में हिंसा हुई. दिल्ली पुलिस ने क्या-क्या एहतियाती कदम उठाए रिपोर्ट में इसकी भी जानकारी दी गई है. दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है. उसने अब तक क्या कार्रवाई की इस बारे में भी डिटेल से बताया. रिपोर्ट में बताया गया कि घटना में शामिल हथियार बरामद कर लिया गया है.

इस मामले में अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 21 बालिग और तीन नाबालिग हैं. रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने शनिवार शाम को हुई इस घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि यह घटना असामाजिक तत्वों की सोची समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया. दिल्ली पुलिस ने अपनी इस रिपोर्ट में बताया है कि मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक शख्स को पहले बालिग बताया गया था, लेकिन जब उसके घरवालों ने उसके नाबालिग होने के दस्तावेज पुलिस के सामने पेश किए तो उसे भी बाल सुधार गृह भेज दिया गया. इसके पहले इस मामले में केवल दो नाबालिग लोगों को गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मामले में कुल 8 लोग घायल हुए थे, मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई है.

मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की बात गलत

दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है. दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र की धारा 120बी भी लगाई गई है. यह धारा इसलिए लगाई गई है जिससे इस मामले की बड़े पैमाने पर जांच हो सके कि आखिर दंगा करने वाले लोगों के पीछे दिमाग किसका था.
ध्यान रहे कि बीते शनिवार की शाम को जहांगीरपुरी इलाके में एक शोभायात्रा निकालने के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया था जिसके बाद इलाके में हिंसा हो गई और जमकर पत्थरबाजी हुई.

साथ ही इस मामले में गोलियां भी चली थीं, जिसमें दिल्ली पुलिस का 1 सहायक सब इंस्पेक्टर घायल भी हुआ था. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अब तक लगभग 80 से ज्यादा लोगों की पहचान की गई है, लेकिन गिरफ्तारियां केवल उन्हीं लोगों की की जाएंगी जो पत्थर चलाने लोगों पर हमला करने या गोली चलाने में शामिल थे.