देसी कोरोना वैक्सीन ‘Covaxin’ को नहीं मिली WHO से मंजूरी – तीन नवंबर को फिर से होगी बैठक

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तकनीकी सलाहकार समिति ने मंगलवार को कोविड के भारतीय टीके कोवाक्सिन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने के लिए समीक्षा की। इस बैठक के दौरान टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी गई, बल्कि टीका निर्माता कंपनी भारत बायोटेक से अतिरिक्त डाटा साझा करने के लिए कहा गया है। इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने कहा था कि अगर समिति संतुष्ट होती है, तो अगले 24 घंटों के भीतर इस टीके को लेकर अनुशंसा की जाएगी।

डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह ने मंगलवार को हुई बैठक में कोवाक्सिन को लेकर किए गए परीक्षणों के संबंध में भारत बायोटेक से और अतिरिक्त जानकारी मांगी है। यह अतिरिक्त जानकारी विशेष रूप से वैक्सीन के अंतिम जोखिम-लाभ मूल्यांकन (फाइनल रिस्क-बेनेफिट एसेस्मेंट) से संबंधित है। यह समूह अब तीन नवंबर को बैठक कर प्राप्त होने वाली इस अतिरिक्त जानकारी के आधार पर कोवाक्सिन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने पर फैसला करेगा। पीटीआई की ओर से भेजे गए एक ईमेल का जवाब देते हुए डब्ल्यूएचओ ने इन बातों का उल्लेख किया है।

प्रभाव अंतिम विश्लेषण पूरा 
इससे पहले हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने कोवाक्सिन को आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में शामिल करने लिए 19 अप्रैल को डब्ल्यूएचओ के सामने ईओआई (रुचि की अभिव्यक्ति) पेश की थी। कोवाक्सिन ने कोरोना के मूल वैरिएंट के खिलाफ 77.8 फीसदी व डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 65.2 फीसदी प्रभावशीलता दिखाई है। जून में कंपनी ने कहा था कि उसने तीसरे चरण के परीक्षणों से कोवाक्सिन प्रभाव का अंतिम विश्लेषण पूरा कर लिया है। 

पिछले सप्ताह डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने बताया था कि 26 अक्तूबर को होने वाली बैठक में हैदराबाद की भारत बायोटेक के कोवाक्सिन टीके को विश्व स्तरीय आपात इस्तेमाल की सूची में शामिल करने पर फैसला होगा। 

डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि भारत बायोटेक ने कोवाक्सिन से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं जिनकी समीक्षा लगभग पूरी हो चुकी है। मंगलवार को होने वाली बैठक में समिति के विशेषज्ञ अपनी-अपनी राय देने के अलावा वैक्सीन के प्रभाव, सुरक्षा और एंटीबॉडी का स्तर इत्यादि की जांच करेंगे जिसके आधार पर कोवाक्सिन को आपात इस्तेमाल की सूची में शामिल किया जा सकता है।

कोवाक्सिन को अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुमति नहीं मिली है जिसके चलते कोवाक्सिन की खुराक लेने वाले लोग विदेश यात्रा के लिए मान्य नहीं है। ज्यादातर देशों में उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल वैक्सीन की खुराक लगी हो।

बायोलॉजिकल ई व अमेरिकी एजेंसी में टीका निर्माण के लिए समझौता
भारत में वैक्सीन निर्माण की क्षमता को बढ़ाने के लिए अमेरिका की वित्तीय एजेंसी यूएस-आईडीएफसी ने बायोलॉजिकल ई के साथ पांच करोड़ डॉलर का समझौता किया है। कंपनी की क्षमता एक अरब खुराक तक बढ़ाने की तैयारी है।

केरल में सबसे ज्यादा मरीज
पश्चिम बंगाल में एक दिन के दौरान 989 संक्रमित मिले। 10 मरीजों की मौत हुई है। इनके अलावा केरल में 8,538 नए मामले सामने आए हैं, 71 की मौत हुई है।

एक दिन में 70 फीसदी से ज्यादा कोरोना के नए मामले पश्चिम बंगाल और केरल में ही मिले
एक तरफ राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना संक्रमण को लेकर उतार चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में त्योहारों के दौरान कोविड सतर्कता नियमों का पालन नहीं करने का असर दिखाई दे रहा है। हालात यह हैं कि पिछले एक दिन में 70 फीसदी से ज्यादा कोरोना के नए मामले पश्चिम बंगाल और केरल में ही मिले हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि पिछले एक दिन में कोरोना के 14,306 नए मामले मिले हैं और 443 लोगों की मौत हुई है। 18762 मरीज ठीक हुए हैं। इससे पहले 24 अक्तूबर को 15,906 नए मामले सामने आए थे और 561 लोगों की मौत हो गई थी। बीते 24 घंटे में संक्रमितों की संख्या इसलिए घटी है क्योकि रविवार को महज 9.98 लाख सैंपल जांचे गए।  

जबकि रोजाना औसतन 12 से 14 लाख सैंपल की जांच हो रही है लेकिन कुल जांच की क्षमता 25 लाख सैंपल से भी अधिक है। बहरहाल देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,41,89,774 हो गई है। संक्रमण से अब तक कुल 4,54,712 की मौत हो चुकी है। सक्रिय मामलों की संख्या अब 1,67,695 है। कुल 3,35,67,367 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।