उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी आज कांवड़ और चारधाम यात्रा पर करेंगे बैठक, हो सकता है अहम फैसला

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्रा को लेकर आज गुरुवार को अधिकारियों संग बैठक करेंगे। इस बैठक में कांवड़ यात्रा को लेकर कोई बड़ा फैसला किया जा सकता है। बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ यात्रा शुरू करने के पक्ष में हैं।

योगनरी में कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। नीलकंठ धाम में जलाभिषेक के लिए जाने वाले शिवभक्त चार कोविड चेक पोस्टों से होकर गुजर रहे हैं। लेकिन किसी भी चेक पोस्ट पर इनकी कोविड जांच नहीं हो रही है। जिसके चलते कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ गया है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने श्रावण मास की कांवड़ यात्रा पर स्थगित कर दी थी। इसके बाद नीलकंठ धाम में दर्शन और गंगा से जल उठाने के लिए में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के शिवभक्त के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की आरटीपीसीआर और रैंडम एंटीजन टेस्ट के लिए रायवाला, कैलासगेट, तपोवन और गरुड़चट्टी में कोविड चेकपोस्ट बनाए गए हैं। लेकिन इन चार चेकपोस्टों को पर्यटक बिना किसी रोकटोक के पार कर रहे हैं। हाल यह है कि स्थानीय प्रशासन यात्रियों के चोपहिया और दोपहिया के वाहनों को रोकने की जहमत तक नहीं उठा रहे हैं।

ऋषिकेश में श्रावण मास से पहले ही नीलकंठ महादेव के जलाभिषेक और गंगा जल उठाने के लिए शिवभक्त पहुंचने लगे हैं। नीलकंठ पैदल मार्ग और मोटर मार्ग बम-बम बोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहे हैं। शिवभक्तों ने न तो कांवड़ उठाई है न ही भगवा वस्त्र धारण किए हैं। शिवभक्त महाशिवरात्रि पर स्थानीय शिवालयों पर ऋषिकेश के गंगा जल से जलाभिषेक करेंगे। 

22 जुलाई से हरिद्वार में कांवड़ियों के लिए सीमाओ को सील कर दिया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुरुग्राम, दिल्ली आदि क्षेत्रों से शिवभक्त गंगा जल उठाने के लिए ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। शिवभक्त विधिवत रूप से स्नान के बाद त्रिवेणी घाट, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मण झूला के आसपास के गंगा तटों से जल भर रहे हैं। शिवभक्तों में जवान, बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। 

गुरुग्राम निवासी मनोज ने बताया कि कांवड़ यात्रा स्थगित कर दी गई है। इसलिए पहले ही संकल्प लेकर परिवार के साथ गंगा जल उठाने आए हैं। परिवार के साथ सात वर्षीय नवीन भी पहली बार जल उठाने लिए घर से निकला था। 

हरियाणा के सोनीपत जिले से अश्विनी अपने एक दर्जन साथियों के साथ नीलकंठ महादेव के दर्शन और गंगा जल उठाने के लिए ऋषिकेश आए हैं। ट्रेन से हरिद्वार और वहां से ऋषिकेश पहुंचे दिल्ली निवासी युवा पवन सैनी और शिवम शर्मा ने बताया कि वे नीलकंठ महादेव के दर्शन और जल उठाने के लिए आए हैं।