बड़ी राहत: कोवैक्सीन की दोनों डोज ले चुके भारतीयों को ब्रिटेन पहुंचने पर आइसोलेशन नहीं, आज से नए नियम लागू

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भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) की दोनों डोज ले चुके लोगों को सोमवार से ब्रिटेन पहुंचने पर आइसोलेशन में नहीं रहना होगा. ब्रिटेन सरकार द्वारा कोवैक्सीन टीके को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वीकृत कोविड-19 वैक्सीन में आज से शामिल कर लिया जाएगा. ब्रिटेन सरकार के मान्यता प्राप्त वैक्सीन की सूची में चीन की ‘सिनोवैक’ और ‘सिनोफार्म’ वैक्सीन को भी शामिल किया गया है, जिससे संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया के लोगों को फायदा मिलेगा.

ब्रिटेन सरकार ने 9 नवंबर को घोषणा की थी कि भारत के कोवैक्सीन टीके को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वीकृत वैक्सीन की सूची में 22 नवंबर को शामिल किया जाएगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), कोवैक्सीन को आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए स्वीकृत टीकों की सूची ( (EUL) में पहले ही शामिल कर चुका है, जिसके बाद ब्रिटेन ने यह कदम उठाया था. WHO ने 3 नवंबर को कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल में लाए जाने वाले वैक्सीन की सूची में शामिल किया था.

यह फैसला सोमवार सुबह चार बजे से लागू हो चुका है. अमेरिका ने 21 महीने की यात्रा पाबंदी हटाने के बाद कोवैक्सीन को मंजूरी दी थी. इससे पहले भारत में निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड को ब्रिटेन में स्वीकृत टीकों की सूची में पिछले महीने शामिल किया गया था. कोविशील्ड की दोनों डोज ले चुके भारतीयों को 11 अक्टूबर से ब्रिटेन पहुंचने पर आइसोलेशन में रहने की जरूरत नहीं पड़ रही है.

ऑस्ट्रेलिया ने इसी महीने कोवैक्सीन को दी थी मंजूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन से पहले कोवैक्सीन को कई देशों ने मंजूरी दे दी थी, हालांकि WHO की मंजूरी के लिए इसे लंबा इंतजार करना पड़ा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते सरकार के सूत्रों ने बताया था कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड को कम से कम 110 देशों में मंजूरी मिल चुकी है. इसमें न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं. भारत में कोविड-19 के खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान में अब भी इन्हीं दो वैक्सीन का बड़े स्तर पर इस्तेमाल हो रहा है.

ब्रिटेन ने शुरुआत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीके को मान्यता देने से इनकार कर दिया था. हालांकि भारत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद ब्रिटेन ने 22 सितंबर को अपने नए दिशा-निर्देश में बदलाव किया और इस टीके को शामिल कर लिया. हालांकि इसके बावजूद कोविशील्ड की दोनों डोज ले चुके भारतीयों को आइसोलेशन नियमों से कोई राहत नहीं दी गई थी. जिसके बाद भारत ने भी सख्ती अपनाई थी. कोविशील्ड ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड वैक्सीन का ही भारतीय नाम है.