Zomato के को-फाउंडर गौरव गुप्ता ने अचानक छोड़ी कंपनी, शेयर में आई भारी गिरावट, इस्तीफे की वजह का अभी खुलासा नहीं

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अपने ऐप के जरिए आपके घर तक खाना पहुंचाने वाली कंपनी जोमैटो (Zomato) से बड़ी खबर सामने आ रही है. जोमैटो के को फाउंडर गौरव गुप्ता (Gaurav Gupta) ने कंपनी छोड़ने फैसला किया है. 2015 में जोमैटो में शामिल हुए गुप्ता को 2018 में उन्हें कंपनी का चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बनाया गया था. वह आईपीओ के लिए कंपनी का चेहरा थे, जो निवेशकों और मीडिया के साथ प्रमुखता से चर्चा में शामिल थे. गौरव गुप्ता के जोमैटो छोड़ने की खबर के बाद कंपनी के शेयर गिरने लगे हैं. गौरव गुप्ता के इस्तीफे की खबर के बाद कंपनी के शेयर ऊपरी स्तर से 10 रुपये से ज्यादा गिरे हैं. पहले शेयर 151 रुपये पर था और अब गिरकर 140 रुपये पर आ गया है.

क्यों दिया इस्तीफा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फाउंडर दीपेंद्र गोयल और को-फाउंडर गौरव गुप्ता के बीच कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा था. गौरव गुप्ता के शुरू किए सभी बिजनेस लगभग बंद हो चुके है. इसके पीछे कारण गौरव गुप्ता के शुरू किए बिजनेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे.

जोमैटो ने किया है इस सर्विस को बंद करने का फैसला
हाल ही में जोमैटो ने ग्रॉसरी डिलीवरी सर्विस और न्यूट्रास्युटिकल व्यवसाय से बाहर निकलने का फैसला किया था. इसके कुछ दिनों बाद ही गुप्ता के इस्तीफे की खबर आई है. Zomato ने पिछले साल स्वास्थ्य और फिटनेस उत्पादों के लॉन्च के साथ न्यूट्रास्युटिकल व्यवसाय में कदम रखा था.

दीपेन्दर गोयल ने अपने पुराने दोस्त पंकज चड्ढा के साथ मिलकर जोमैटो की शुरुआत की थी.ये ऑनलाइन फूड डिलीवरी की एशिया में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है.

दीपेन्दर का जन्म पंजाब के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. आईआईटी दिल्ली से उन्होंने पढ़ाई की है. किसी भी आम पंजाबी की तरह दीपेन्दर भी खाने के शौकीन रहे हैं. इसी शौक ने जोमैटो की कल्पना को साकार किया.

जोमैटो को शुरू करने के पीछे दिलचस्प कहानी है. दीपेन्दर को इसका आयडिया अपने ऑफिस के कैफेटेरिया में आया. दीपेन्दर देखा करते थे कि लंच टाइम में खाने के मेन्यू को लेकर उनके ऑफिस के लोग काफी सिर खपाते थे.

इसमें लोगों का काफी वक्त बर्बाद होता था. यहीं से दीपेन्दर के दिमाग में एक ऑनलाइन वेबसाइट का आयडिया आया. दीपेन्दर ने अपने दोस्त पंकज चड्ढा के साथ मिलकर एक ऐसी वेबसाइट बनाने की सोची, जिसमें इलाके के सभी रेस्टोरेंट के सारे मेन्यू उनके ऑफिस के लोगों के लिए उपलब्ध हों.

दीपेन्दर ने इसे बड़े सिंपल तरीके से शुरू किया. लेकिन उनकी कल्पना के विपरित वेबसाइट पर काफी ट्रैफिक आने लगा. इसी के बाद दोनों ने मिलकर 2008 में फूडी-इबे डॉट कॉम बनाई.

इस वेबसाइट के लॉन्च होने के बाद नए दीपेन्दर के लिए नए दरवाजे खुल गए. उन्होंने अपने ऑफिस के इर्द-गिर्द रेस्टोरेंट के साथ दूसरे इलाके के रेस्टोरेंट को भी जोड़ना शुरू किया.