महंगाई की मार 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, थोक महंगाई दर हुआ 14.2 फ़ीसदी

220
retail inflation rises
retail inflation rises

देश में महंगाई बढ़ती जा रही है. नवंबर में थोक महंगाई की दर (Wholesale Price Index – WPI) 12.54 फीसदी से  बढ़कर 14.2 फीसदी होगी गई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, थोक महंगाई का ये आंकड़ा 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. ईंधन और बिजली की कीमतों में तेज़ी के कारण थोक महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कोर महंगाई दर 11.90 फीसदी से बढ़कर 12.20 फीसदी और सितंबर महंगाई दर के आंकड़ों को संशोधित किया गया है. अब ये 10.66 फीसदी से बढ़कर 11.80 फीसदी हो गई है.

होलसेल प्राइस इंडेक्स या थोक मूल्य सूचकांक का मतलब उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है.

ये कीमतें थोक में किए गए सौदों से जुड़ी होती हैं. इसकी तुलना में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आम ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होता है. CPI पर आधारित महंगाई की दर को रिटेल इंफ्लेशन या खुदरा महंगाई दर भी कहते हैं.