ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशाना – बोली राम दुर्गा को पूजते थे और मैं भी, अमित शाह से हिंदुत्व पर बहस के लिए तैयार हूं

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किसान आंदोलन के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राम दुर्गा को पूजते थे और मैं भी दुर्गा को पूजती हूं। मैं भी एक हिंदू हूं और गृहमंत्री अमित शाह से हिंदू धर्म पर बहस के लिए तैयार हूं। एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में ममता ने कहा कि मैं हिंसा के साथ नहीं हूं, लेकिन किसानों के साथ खड़ी हूं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में 23 जनवरी को जय श्रीराम के नारे की घटना पर ममता ने कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ, मुझे उसका कोई पछतावा नहीं है। ममता ने हिंदुत्व को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए जोर देकर कहा कि मैं अमित शाह से हिंदू धर्म पर बहस के लिए तैयार हूं।

वहीं, दिल्ली हिंसा पर ममता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमित शाह ‘भैयाÓ के पास 50 लाख व्हाट्सएप गु्रप हैं। ऐसे में वे किसानों को बदनाम करने के लिए कुछ भी फैला सकते हैं। ममता ने कहा कि कृषि कानूनों पर राज्यों से कोई राय नहीं ली गई। उन्होंने पीएम से एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर इन कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग की। ममता ने कहा- भारत एक राष्ट्र एक पार्टी नहीं हो सकता है। मुझे पीएम मोदी की लोकप्रियता से कोई समस्या नहीं है, लेकिन आप भारत को वन मैन शो की तरह नहीं चला सकते। पीएम सिर्फ भाजपा के नेता नहीं हैं, वे सबके नेता हैं। ममता ने यह भी कहा कि मैं बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहती हूं। उन्होंने राज्यपाल को लेकर भी कहा कि यहां उनका सम्मान है, लेकिन वो सीएम से उपर नहीं हैं।

पराक्रम दिवस को लेकर केंद्र ने राज्य के साथ नहीं की कोई बात : ममता

ममता ने केंद्र पर नेताजी जयंती यानी पराक्रम दिवस को लेकर बंगाल सरकार के साथ कोई बात नहीं करने का भी आरोप लगाया। ममता ने कहा कि विक्टोरिया मेमोरियल में नेताजी पर जो कार्यक्रम हुआ उसकी कुछ गरिमा होती है, लेकिन वहां राजनीतिक नारे लगाए गए। फिर भी मैं आपत्ति दर्ज कराकर वहां बैठी रहीं। कार्यक्रम को छोड़कर नहीं गई। मैंने पीएम से यह भी नहीं पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। गौरतलब है कि समारोह के दौरान जब ममता मंच पर भाषण देने जा रहीं थी तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए थे, जिसके बाद ममता ने भाषण देने से मना कर दिया था।