तनावपूर्ण संबंधों के बीच अमेरिका-चीन की शिखर बैठक, ऑनलाइन वार्ता करेंगे बाइडेन और जिनपिंग

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अमेरिका और चीन के बीच मेल-मिलाप की प्रक्रिया ने अब ठोस रूप ग्रहण कर लिया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान और चीन के सर्वोच्च राजनयिक यांग जिची के बीच हुई बातचीत का यही सार है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच फिर से उच्च स्तर पर संवाद कायम हो गया है। विश्लेषकों ने इस बात पर ध्यान दिया है कि जो बाइडन के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद ये ऐसी पहली उच्चस्तरीय बातचीत रही, जिसमें कड़वाहट पैदा नहीं हुई। इसके उलट दोनों पक्षों ने संयम और सब्र के साथ बातचीत की।

सुलिवान व यांग के बीच छह घंटे चर्चा
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक सुलिवान-यांग वार्ता में इस बात पर सहमति बन गई कि इसी साल बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वर्चुअल शिखर वार्ता होगी। इन रिपोर्टों में उम्मीद जताई गई है कि बाइडन-शी वार्ता से दोनों देशों के संबंधों में स्थिरता कायम होगी। सुलिवान और यांग के बीच यहां छह घंटों तक बातचीत हुई। इसके बारे में एक अमेरिकी अधिकारी ने टीवी चैनल सीएनएन से कहा कि ये बातचीत इसल लिहाज से फलदायी रही कि इससे बाइडन और शी के बीच सीधी वार्ता का रास्ता खुला है।

हांगकांग, शिनजियांग समेत तमाम मुद्दे उठाए
ह्वाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि सुलिवान ने चीन के रुख से संबंधित ऐसे कई मुद्दे उठाए, जिनको लेकर अमेरिका चिंतित है। उनमें मानव अधिकारों का कथित हनन, शिनजियांग और हांगकांग की घटनाएं, और दक्षिण चीन सागर एवं ताइवान से जुड़े मसले शामिल हैं। उधर चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान के मुताबिक यांग ने इन मुद्दों का जिक्र करते हुए सुलिवान से कहा कि अमेरिका इन्हें आधार बना कर चीन के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे।
बाइडन के बयानों का स्वागत
चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यांग ने हाल में अमेरिका-चीन संबंधों के मामले में जो बाइडन के दिए बयानों का स्वागत किया। उन्होंने अमेरिका के इस बयान का खास जिक्र किया कि उसका चीन के विकास में बाधा डालने का कोई इरादा नहीं है। यांग ने सुलिवान से कहा कि अमेरिका को चीन के मामले में विवेकशील और व्यावहारिक नीति अपनानी चाहिए। उसे पारस्परिक सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के रास्ते पर चलना चाहिए। साथ ही उसे ऐसे कदम उठाने चाहिए, जो दोनों देशों के लिए लाभदायक हों।

बाइडन चाहते हैं जिनपिंग से आमने-सामने चर्चा
हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक बाइडन की इच्छा यह थी कि शी जिनपिंग रोम में होने वाली जी-20 देशों की बैठक में आएं और वहां दोनों राष्ट्रपतियों के बीच आमने-सामने बातचीत हो। लेकिन चीनी राजनयिकों ने जी-20 अधिकारियों को सूचित कर दिया है कि शी रोम नहीं जाएंगे। इसे देखते हुए अब तय हुआ है कि दोनों राष्ट्रपति वर्चुअल माध्यम से सीधी बातचीत करेंगे।

रिश्ते सुधरने का भ्रम न पालें : स्टिमसन सेंटर
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक ज्यूरिख में हुई बातचीत सकारात्मक रहने के बावजूद पर्यवेक्षक अभी सावधानी भरा नजरिया अपना रहे हैं। वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर में चाइना प्रोग्राम के निदेशक युन सुन ने इस अखबार से कहा कि दोनों देशों के राजनयिकों के तेवर में बदलाव जरूर आया है। इसके बावजूद दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की शिखर बैठक अभी तैयारी के दौर में ही है। इसलिए अभी यह भ्रम नहीं पाल लेना चाहिए कि दोनों देशों के संबंध सुधर गए हैं।