उर्फी को बेहोश होने तक मारते थे उनके पिता, रिश्तेदार भी नहीं करते थे इज्जत, छोड़ना पड़ा था घर..

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Urfi Javed

उर्फी जावेद ने ‘बिग बॉस ओटीटी’ में आने के बाद से खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. वह टीवी का एक पॉपुलर चेहरा बनीं. उन्होंने इसके बाद कई रिलयलिटी शो में पार्टिसिपेट भी किया. वह अपने फैशन सेंस और आउटफिट को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहती हैं. उर्फी ने एक छोटे शहर से आकर अपनी एक पहचान बनाई है. लेकिन उनका बचपन और किशोरावस्था काफी कठिन थी. उर्फी जावेद ने 17 साल की उम्र में घर से भागने का फैसला किया था. उन्होंने बताया कि वह उनके पिता बहुत मारते थे. इतना मारते थे कि वो बेहोश हो जाती थीं. उन्होंने ये भी कहा कि उनके रिश्तेदार तक उनकी इज्जत नहीं करते थे.

बिना किसी मॉर्फिंग के पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया

दरअसल उर्फी जावेद ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में इसके बारे में बात की. उन्होंने कहा, “जब मैं 15 साल की था, तो किसी ने मेरी तस्वीर एक पोर्न साइट पर अपलोड कर दी थी. यह एक सामान्य तस्वीर थी.” उर्फी जावेद ने आगे कहा, “मैंने इस तस्वीर को ट्यूब टॉप पहनकर अपनी फेसबुक प्रोफाइल फोटो के तौर पर लगा रखी थी. किसी ने उन्हें डाउनलोड किया और बिना किसी मॉर्फिंग के पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया.” उर्फी ने कहा, “धीरे-धीरे, सभी को इसके बारे में पता चला. सभी ने मुझे दोष देना शुरू कर दिया. मुझे लोग एक पोर्न स्टार कहने लगे. मैंने कहा, ‘वीडियो कहां है?’ लेकिन उन्होंने कहा-नहीं, नहीं, तुम एक पोर्न स्टार हो.” उर्फी जावेद ने आगे कहा,”यहां तक कि मेरे पापा भी कहते थे कि मैं एक पोर्न स्टार हूं. मुझे लगता है कि मेरे पिता इन सबसे सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे थे. वह सभी को बताते थे कि पोर्न साइट वाले 50 लाख रुपये मांग रहे हैं. उन्होंने हमारे रिश्तेदारों को बताया.”

उर्फी जावेद ने आगे कहा, “मुझे इस पर विश्वास नहीं था. लेकिन मैं क्या कर सकती थी. वह घर में मुझे बहुत मारते थे. इतना की मैं बेहोश हो जाती थी. मैं हैरान थी कि कि ‘मैं खुद पीड़ित हूं और मुझे ही दोष दे रहे हैं और मार रहे हैं. लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे…” उर्फी जावेद ने आगे कहा, “मैंने 2 साल तक वह सब सहा. मेरे अपने पिता, रिश्तेदारों बहुत बेइज्जती करते थे. फिर मैं जब 17 साल की हुई, तो घर से भाग गई.” उर्फी अपनी बहन के साथ घर छोड़कर लखनऊ शिफ्ट हो गईं. उन्होंने बच्चों को पढ़ाकर अपना खर्चा चलाया. उर्फी जावेद बाद में दिल्ली आ गईं. अलग-अलग दोस्तों के घर रुकीं. फिर एक कॉल सेंटर में नौकरी भी की, जिसमें उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी. फिर वह मुंबई आई और अलग-अलग रोल के लिए ऑडिशन दिए और फिर टीवी पर छोटे-मोटे रोल मिलना शुरू हुए.