रूस-यूक्रेन युद्ध का 25वां दिन: यूक्रेनी सरकार का दावा राजधानी कीव में रूसी बमबारी से 228 लोगों की मौत

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    Russia-Ukraine War

    यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे जंग का आज 25वां दिन है. इस दौरान रूस ने यूक्रेन के कई बड़े शहरों को तबाह कर दिया है. चिंता की बात ये है कि 25 दिनों तक चल रहे युद्ध के बाद भी दोनों में से कोई पक्ष झुकने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रही है. दोनों ही देश पीछे हटने को राजी नहीं हो रहे. नतीजतन हालात और भयावह होते जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ युद्ध को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है, लेकिन अभी तक हुई बातचीत से भी कोई खास नतीजा सामने नहीं आया है. दुनियाभर में आलोचना झेल रहा रूस पहले ही साफ कर चुका है कि वो अपना लक्ष्य हासिल कर के दी दम लेगा. जानिए युद्ध से जुड़ी दस ताजातरीन अपडेट्स

    यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरिना वेरेश्चुक ने शनिवार को कहा कि रूस के साथ 10 मानवीय गलियारे पर सहमति बनी है. इनमें मारियुपोल, कीव के बहुत से क्षेत्र और लुहांस्क के इलाके शामिल हैं. उन्होंने खेरसोन शहर तक भी मानवीय सहायता पहुंचाने की योजना की घोषणा की जो अभी रूस के कब्जे में है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रात को दिए अपने वीडियो संदेश में कहा कि रूस की सेनाएं बड़े शहरों तक आवागमन को अवरुद्ध कर रही हैं ताकि ऐसी परिस्थिति पैदा की जा सके कि यूक्रेन के लोग उनसे सहयोग करने पर मजबूर हो जाएं.
    रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ शांति वार्ता का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि रूस के पास बातचीत कर इस युद्ध को विराम देने का यही सही मौका है. युद्ध के दौरान हुए नुकसान से उबरने के लिए रूस को पीढ़ियों की आवश्यकता होगी. ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने हमेशा शांति के लिए समाधान की पेशकश की है और बिना किसी देरी के शांति और सुरक्षा पर सार्थक और ईमानदार बातचीत चाहता है.

    दोनों देशों के बीच चल रही भीषण लड़ाई के बीच बीते शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)ने यूक्रेन के क्रीमिया पर रूस के कब्जे की आठवीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक बड़ी रैली में शामिल हुए. रैली में संबोधन के दौरान उन्होंने यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों की तारीफ की.

    रूस ने यूक्रेन के शहर मारियुपोल को चारों तरफ से घेर रखा है और वहां लगातार लड़ाई जारी है. यूक्रेन की समाचार एजेंसी द कीव इंडिपेंडेंट ने दावा किया है कि दोनेत्सक सैन्य-नागरिक प्रशासन के प्रमुख पावलो किरिलेंको ने कहा कि हजारों मारियुपोल निवासी जो रूसी हमलों से बचने में कामयाब रहे कब्जे वाले इलाके मानहुशी और मेलेकिन में भूख से मर रहे हैं. रूसी सेनाओं ने उनको भोजन, पानी और सुरक्षित मार्ग प्रदान करने से इनकार कर दिया है.

    मलबे में तब्दील हो चुके मारियुपोल के पुलिस अधिकारी मिशेल वर्शनिन ने एक वीडियो पोस्ट जारी करके अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से कहा है कि उन्होंने मदद का आश्वासन दिया था लेकिन उसे जो मिला है वह मदद तो नहीं है. वीडियो में दोनों विश्व नेताओं से अपील की गयी है कि वे वहां के नागरिकों की जान बचा लें. समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस द्वारा जारी वीडियो में पुलिस अधिकारी वर्शनिन कह रहे हैं कि मारियुपोल इस समय सीरियाई शहर अलेप्पो जैसे दुर्भाग्य का सामना कर रहा है. जो 2016 में सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान रूसी समर्थित घेराबंदी में नष्ट हो गया था.

    यूएन रिफ्यूजी एजेंसी की मानें तो यूक्रेन के करीब 30 लाख लोग यानी 7% जनता देश छोड़कर जा चुकी है. वहीं, एक अनुमान के मुताबिक यूक्रेन में रह रहे और विस्थापित हो चुके लोगों में 60 लाख ऐसे बच्चे हैं जो स्कूल से दूर हो चुके हैं. अब ऐसे बच्चों की मदद के लिए टेनिस जगत के सितारे रोजर फेडरर आगे आए हैं. उनके फाउंडेशन ने इन बच्चों की मदद के लिए 3.8 करोड़ रुपए दान करने का फैसला लिया है. रोजर फेडरर ने एक ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन यूक्रेनी शहरों पर भीषण हमले कर रहे रूस को मदद मुहैया कराने का फैसला करता है, तो बीजिंग के लिए इसके कुछ निहितार्थ और परिणाम होंगे. व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक, बाइडेन और जिनपिंग में वीडियो कॉल पर हुई 110 मिनट लंबी बातचीत यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद दोनों नेताओं में हुई पहली बातचीत थी. उन्होंने बताया कि यह बातचीत मुख्य रूप से यूक्रेन में रूस के विशेष सैन्य अभियान और अमेरिका-चीन संबंधों के अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए उसके निहितार्थ पर केंद्रित थी.

    रूस के लगभग तीन दर्जन शरणार्थियों को शुक्रवार को अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जबकि यूक्रेन के नागरिकों के एक समूह को सीमा पार जाने दिया गया. यह दृश्य रूस और यूक्रेन के नागरिकों के साथ हो रहे बदलाव को दर्शाता है. रूस और यूक्रेन के नागरिक पर्यटकों के रूप में मेक्सिको में प्रवेश करते हैं और अमेरिका जाने की उम्मीद में तिजुआना के लिए उड़ान भरते हैं. मेक्सिको के साथ सबसे व्यस्त अमेरिकी सीमा पर 34 रूसी शुक्रवार तक कई दिनों तक डेरा डाले थे, दो दिन बाद तिजुआना शहर के अधिकारियों ने विनम्रतापूर्वक उनसे वहां से चले जाने का आग्रह किया.

    रूस ने शुक्रवार को यूक्रेन में पहली बार अपनी नवीनतम किंजल हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल पश्चिमी यूक्रेन में एक हथियारों के गोदाम को तबाह करने के लिए किया गया. रूस ने इससे पहले कभी भी युद्ध में उच्च परिशुद्धता हथियार इस्तेमाल करने की बात नहीं स्वीकारी थी. राज्य समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक पश्चिमी यूक्रेन में संघर्ष के दौरान किंजल हाइपरसोनिक हथियारों का यह पहला इस्तेमाल था.