भाजपा पर उद्धव ने साधा निशाना, बोले – मंदिर खुलवाने के लिए नहीं कोरोना के खिलाफ करें प्रदर्शन 

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महाराष्ट्र में मंदिरों को खुलवाने व धार्मिक आयोजनों की अनुमति के लिए प्रदर्शन कर रही भाजपा व महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग मंदिर व अन्य स्थलों को खुलवाने की जल्दबाजी में हैं। मेरी जनता से अपील है कि मंदिर खुलवाने के लिए नहीं बल्कि कोरोना रोकने के लिए प्रदर्शन करें।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का यह बयान उस समय आया है जब महाराष्ट्र में कोरोना तेजी से अपने पैर पसार रहा है और सरकार को फिर से कड़े नियम लागू करने पड़ रहे हैं। इस बीच भाजपा के कई नेता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 

भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज हुआ था केस 
मुंबई पुलिस ने भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दरअसल, भाजपा नेता अपने 30 कार्यकर्ताओं के साथ बाबुलनाथ मंदिर के द्वार फिर से खोलने की मांग कर रहे थे।

दही हांडी को लेकर भी हुआ था बवाल 
जन्माष्टमी पर सरकार की ओर से धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद भाजपा विधायक राम कदम ने दही हांडी मनाने का एलान कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उनका घर पूरी तरह घेर लिया था। वहीं  महाराष्ट्र नवर्निमाण सेना के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। ये कार्यकर्ता रोक के बावजूद दही हांडी का आयोजन कर रहे थे। 

वहीं शिवसेना के मुखपत्र सामना ने अपने साप्ताहिक स्तंभ में कहा कि शिक्षा मंत्रालय के स्वायत्त निकाय भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) ने अपने पोस्टर में नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद की तस्वीरें नहीं लगाई और उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का कृत्य है।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया, ‘जिन्होंने आजादी के संषर्घ में और इतिहास रचने में कोई योगदान नहीं दिया, वे स्वतंत्रता संघर्ष के नायकों में शामिल हो रहे हैं। राजनीतिक प्रतिशोध के कारण किया गया यह कृत्य अच्छा नहीं है और यह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दिखाता है। यह प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी का अपमान है।’

राउत ने केंद्र द्वारा हाल में घोषित राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना का जिक्र करते हुए कहा, ‘नेहरू ने ऐसा क्या किया जो उनसे इतनी ज्यादा नफरत है? बल्कि उन्होंने जो संस्थान बनाए उन्हें अब भारतीय अर्थव्यवस्था की गति के लिए बेचा जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि आप राष्ट्र निर्माण में नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अमर योगदान को नष्ट नहीं कर सकते। जिन्होंने नेहरू के योगदान को खारिज किया उन्हें इतिहास के खलनायक बताया जाएगा।