बिहार: तेजस्वी का बीजेपी सरकार पर आरोप – कृषि सेक्टर को निजी हाथ में सौंप रही सरकार

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बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कृषि कानूनों के मसले पर केंद्र सरकार को निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने कहा कि इतनी बड़ी समस्या आई हुई है मगर प्रधानमंत्री गायब हैं. क्या प्रधानमंत्री को किसानों से बात नहीं करनी चाहिए? तेजस्वी ने ऐलान किया कि कल पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे हम लोग किसानों के मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरने पर बैठेंगे.

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के आने के बाद से सब चीजों का निजीकरण हो रहा है. हम सब से अपील करते हैं कि कृषि कानून जैसे काले कानून के खिलाफ सभी लोग सड़कों पर आएं.

राजद नेता ने कहा कि इस सरकार ने वादा किया है कि 2022 तक के किसानों का आय दोगुना होगी. न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त कर देने के बाद किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी? कृषि सेक्टर को भी अब निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. तेजस्वी बोले कि केंद्र सरकार का कृषि कानून किसान विरोधी है, आज किसान अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं.

राजद नेता ने पूछा कि किसान और सरकार के बीच आजकल बातचीत चल रही है मगर कानून बनाने से पहले किसानों से बातचीत क्यों नहीं की गई ? कल हम लोगों ने देखा कि किसानों ने विज्ञान भवन में न तो सरकार का पानी पिया ना ही खाना खाया.

आपको बता दें कि बिहार में बड़े स्तर पर कृषि कानून का विरोध सड़कों पर होता नहीं दिख रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार जिस तरह का कानून लाई है वो पहले बिहार में लागू हो चुका है. ऐसे में किसान संगठनों की ओर से कहा जा रहा है कि नए कानून से बिहार के किसानों को नुकसान हुआ है, ऐसे में सरकार को बिहार से सबक लेकर इन कानूनों को वापस लेना चाहिए.