तेजप्रताप और तेजस्‍वी में सुलह के कयास – सड़क पर दूर लेकिन सोशल मीडिया पर साथ

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दिल्‍ली में पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से मिलकर पटना लौटने के बाद तेज प्रताप यादव ने जो तेवर दिखाए उससे बिहार में राजद समर्थकों की चिंता बढ़ गई थी। तेज प्रताप ने पटना लाैटने के अगले ही दिन राजद के प्रदेश कार्यालय में जाकर काफी वक्‍त गुजारा लेकिन वहां पहले से मौजूद प्रदेश अध्‍यक्ष जगदानंद सिंह से नहीं मिले। और तो और उनके प्रदेश कार्यालय पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद जगदानंद कार्यालय से निकल कर चले गए। पत्रकारों ने जब जगदानंद से इस बाबत बात करनी चाही तो उनकी नाराजगी साफ दिखी। इस बीच पटना की सड़कों पर लगे तेज प्रताप की बड़ी तस्‍वीरों वाले पोस्‍टर के कारण फिर से सियासत गर्म हो गई, लेकिन रात ढलते-ढलते इस गलती को सुधारने की कोशिश की गई। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि जन्‍माष्‍टमी पर शायद तेज प्रताप यादव और तेजस्‍वी के बीच सुलह हो गई है।

आधी रात को तेज प्रताप ने शेयर किया नया पोस्‍टर

पटना की सड़कों पर रविवार की शाम तेज प्रताप यादव की ओर से जन्‍माष्‍टमी पर शुभकामना वाले बड़े-बड़े पोस्‍टर लगाए गए। इन पोस्‍टरों में एक बार फिर से राजद का प्रमुख चेहरा बन चुके तेजस्‍वी यादव को जगह नहीं दी गई। हालांकि लालू और राबड़ी की तस्‍वीर इस पोस्‍टर पर थी। गौरतलब है कि छात्र राजद के एक ऐसे ही पोस्‍टर को लेकर काफी बवाल अब तक हो चुका है। मामला तूल पकड़ने लगा था। इस बीच तेज प्रताप यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से नया पोस्‍टर जारी किया, जिसमें तेजस्‍वी यादव की भी तस्‍वीर लगाई गई है। इसे भूल सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। राजद समर्थक प्रार्थना कर रहे हैं कि दोनों भाइयों के बीच की दूसरी इस पोस्‍टर के बहाने ही सही खत्‍म हो और लालू परिवार का संकट भी दूर हो।

लालू परिवार के कई सदस्‍यों ने दी जन्‍माष्‍टमी की बधाई

राजद प्रमुख लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, विधायक तेजप्रताप यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम का पर्याय है। वे मां-पिता एवं भाई के साथ सखा अर्जुन और गोपियों से प्रेम करते रहे। उन्हें पशुओं से भी लगाव था। उनके जीवन से सीख लेकर नफरत, अहंकार से देश और दुनियां को बचाने की जरूरत है।