सिद्धारमैया ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, क्या हम गुजरात के दुश्मन हैं, BJP का पलटवार..

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दुग्ध उत्पादों का कारोबार करने वाली कंपनी अमूल को बेंगलुरु के नजदीक भूखंड आवंटित किए जाने से उपजा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ट्वीट में कहा है कि कर्नाटक में कौन आ रहा है, उसके आने का उद्देश्य क्या राज्य को लूटना है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार को हासन स्थित नंदिनी मिल्क पार्लर का दौरा किया। इस बीच, बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन ने नंदिनी के दुग्ध उत्पादों को ही इस्तेमाल करते रहने का एलान किया है।

सिद्धारमैया ने भाजपा सरकार पर सरकारी दुग्ध उत्पाद ब्रांड नंदिनी को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन उसी दिन से कम हो गया, जिस दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन का अमूल में विलय कर दिया जाएगा। मिल्क फेडरेशन नंदिनी ब्रांडनेम से अपने उत्पाद बेचता है।

पीएम मोदी के कर्नाटक दौरे पर उठाया सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कर्नाटक दौरे के उद्देश्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या वह राज्य से नंदिनी ब्रांड को लूटने के लिए आए हैं। वह गुजरात का बड़ौदा बैंक है, जिसने हमारे विजया बैंक को हमसे छीन लिया। इसी प्रकार से बंदरगाह और हवाई अड्डे गुजरात के अदाणी को दिए जा रहे हैं। अमूल भी हमारे नंदिनी ब्रांड को खाने के लिए तैयार हो रहा है। सिद्धारमैया ने कहा है कि क्या हम गुजरात के दुश्मन हैं, जो हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

अमूल के उत्पादों से नंदिनी की ब्रिकी पर नहीं पड़ेगा असर

उल्लेखनीय है कि जनता दल (एस) भी अमूल का विरोध कर रहा है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि अमूल के उत्पादों से नंदिनी की बिक्री पर कोई असर नहीं होगा। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

अमूल नहीं आ रहा कर्नाटक, झूठ बोल रही कांग्रेस: भाजपा

भाजपा ने कांग्रेस पर कर्नाटक में अमूल के प्रवेश पर गलत जानकारी प्रचारित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमूल कर्नाटक में नहीं जा रहा, लेकिन कांग्रेस और कुछ अन्य दल उसके लिए छद्म प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के लिए पूर्व की सभी गैर भाजपा सरकारों से ज्यादा कार्य भाजपा सरकार ने किया है।