वैश्विक हस्तियों का किसान आंदोलन के समर्थन करने पर बोले शशि थरूर – भारत की छवि को जो नुकसान हुआ वह किसी क्रिकेटर के ट्वीट से ठीक नहीं हो सकता

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Shashi Tharoor on Delhi violence

वैश्विक हस्तियों के किसान आंदोलन के समर्थन करने पर सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया की बॉलीवुड और क्रिकेट के कई सितारों ने समर्थन किया है। इस पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार के ‘अड़ियल रवैये और अलोकतांत्रिक व्यवहार’ से भारत की वैश्विक छवि को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई किसी क्रिकेटर के ट्वीट से नहीं हो सकती है। भारत ने पॉप सिंगर रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों के किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कई बॉलीवुड और क्रिकेट सितारों के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों ने भी सरकार के रुख का समर्थन किया है।

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री ने#IndiaTogether, #IndiaAgainstPropaganda हैशटैग का इस्तेमाल करके ट्वीट किए। इसके बाद शशि थरूर ने ट्वीट करके कहा कि भारत सरकार के लिए भारतीय हस्तियों का पश्चिमी हस्तियों पर पलटवार करना शर्मनाक है। सरकार के अड़ियल और अलोकतांत्रितक बर्ताव से भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा है। इसकी भरपाई क्रिकेटरों के ट्वीट से नहीं हो सकती।

पी चिदंबरम ने भी किया ट्वीट

यूपीए -2 में मई 2009 से अप्रैल 2010 तक विदेश राज्य मंत्री रहे थरूर ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लें और किसानों के साथ समाधान पर चर्चा करें तब आपको #IndiaTogether मिल जाएगा। कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि यह अच्छा है कि रिहाना और ग्रेटा थुनबर्ग विदेश मंत्रालय (MEA) को जगा सकती हैं। उन्होंने कई ट्वीट करके कहा कि विदेश मंत्रालय के यह कब एहसास होगा कि मानवाधिकारों और आजीविका के मुद्दों से जुड़े लोग राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं पहचानते? म्यांमार में सैन्य तख्तापलट पर विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी क्यों की? इस पर वह चिंतित क्यों था। मंत्रालय नियमित रूप से श्रीलंका और नेपाल के आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी क्यों करता है।