Ukraine Crisis: रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर, यूक्रेन में भारतीय छात्र बोले- हालात सचमुच तनावपूर्ण

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    रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बीच भारत ने अपने नागरिकों को अस्थाई तौर पर कीव छोड़ने की सलाह दी. हालांकि यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने एक हिंदी न्यूज चैनल से सरकार के निर्देश का पालन करने में चुनौतियों पर बातचीत की. यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र हर्ष गोयल ने एनडीटीवी को बताया कि यहां हालात सचमुच तनावपूर्ण हैं. कुछ छात्रों ने देश छोड़ने के लिए पहले ही फ्लाइट टिकट बुक कर ली हैं, मगर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.

    हर्ष गोयल ने कहा, ‘भारत सरकार ने छात्रों से देश छोड़ने के लिए कहा है, मगर टिकटों की कीमतें बहुत ज्यादा हैं. कुछ छात्र इसे वहन भी नहीं कर सकते हैं. ऐसे में सरकार उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी?’ उन्होंने हालांकि ये भी बताया कि छात्र लगातार ईमेल और कॉल्स के जरिए भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं. अधिकारियों ने बताया कि हम सभी यहां सुरक्षित हैं. अगर कुछ हुआ तो वो हमें यहां से निकाल लेंगे.

    एक अन्य छात्र आशीष गिरी ने चैनल से कहा कि हमारा परिवार बहुत चिंतित है. 20 फरवरी तक कोई टिकट नहीं है. बड़ी संख्या में टिकट पहले ही बुक हो चुकी हैं और जो हैं उनकी कीमतें बहुत ज्यादा है. टिकट इतनी महंगी है कि उन्हें हम खरीद नहीं सकते हैं.

    यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने छात्रों को दी थी देश छोड़ने की सलाह
    मालूम हो कि बीते मगर को राजधानी कीव में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को यूक्रेन में गैर जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी थी. बयान में कहा गया कि यूक्रेन में वर्तमान स्थिति को देखते हुए यहां भारतीय नागरिक, खासतौर पर ऐसे छात्र जिनका यहां रहना जरूरी नहीं है, वो अस्थाई रूप से देश छोड़ने पर विचार कर सकते हैं. भारतीय नागरिकों को भी सलाह दी गई है सभी यूक्रेन में गैर जरूरी यात्राओं से बचें.

    यूक्रेन में भारतीय की संख्या
    मौजूदा समय में यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की सही संख्या क्या है, इसकी जानकारी मुश्किल है. मगर साल 2020 के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक यूक्रेन में कम संख्या में भारतीय समुदाय है. तब देश में करीब 18 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे थे. हालांकि संक्रमण के कारण ये डेटा भी अलग हो सकता है. उल्लेखनीय है कि अमेरिका द्वारा कुछ दिनों में संभावित रूसी आक्रमण के खिलाफ चेतावनी देने के बाद, एक दर्जन देशों ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी है.