भाजपा के शासन में सत्तासीन होने के बाद देश के किसी भी राज्य में लोकतंत्र केवल नाम का रह गया है- रियाजुल्ला खान

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Riazullah Khan
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समाजवादी लोहिया वाहिनी ज़िला अध्यक्ष रियाजुल्ला खान ने कहा- भारत की राजनीति में लोकतंत्र का अपहरण नया नही है इसकी शुरुआत कांग्रेस पार्टी ने सत्तासीन होते हुए अनेक बार किया उसके पश्चात जब प्रदेशो में पंचायत चुनावों में जिला पंचायत, ब्लॉक प्रमुखी में सत्तारूढ़ दलों ने एक परिपाटी बना ली ज़ोर ज़बरदस्ती जनता के जनादेश को अपहरित करके अपने पक्ष में करने की परंपरा की नींव डाली इसकी शुरुवात उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी ने की 2014 से भाजपा के शासन में सत्तासीन होने के बाद देश के किसी भी राज्य में लोकतंत्र केवल नाम का रह गया भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अपहरण इतनी नीचता से शुरू किया कि जैसे इस देश में एक बार फिर अंग्रेजी शासन की वापसी हो गयी हो। लेकिन ठीक इसके उलट विपक्षी पार्टियां और उनके कार्यकर्ता इस अपहरित लोकतंत्र को बचाने के लिए कर क्या रहे सोशल साइट्स पर धमकियां, स्लोगन,उतना ही ज़ुल्म करना जितना सह सको,हम ईंट से ईंट बजा देंगे , बाहुबली होते हमारी पार्टी तो ऐसा हो जाता,इससे ये साबित होता विपक्ष को संविधान और लोकतंत्र की चिंता नही है उसे चिंता है सत्ता की उसे चिंता है बदले की उसे चिंता है तुमने ज़बरदस्ती कुर्सी छीनी हम कब छीनेंगे। यही अगर इसका तरीका है तो लोकतंत्र सुरक्षित कहाँ हुआ वो तो अपहरित का अपहरित ही रहा आज भाजपा कल कांग्रेस थी कल कोई और होगा। बदलाव, राजनैतिक सुचिता,संवैधानिक तरीके से लोकतंत्र की मजबूती इसको कोई सोचेगा या जिसका शासन उसका संविधान ये लोकतंत्र नही जंगलराज है इस जंगलराज में जनता भी आदी हो चुकी और पूरा समाज अपहरणकर्ता के लिए ताली बजाने का काम करने लगा समाज को कभी ये लगा नही की उसने अमुक पार्टी का विधायक/सांसद चुनने के लिए वोट किया क्योंकि वो अमुक पार्टी को सत्ता से बेदखल करना चाहते है लेकिन परिणाम आने के पश्चात वही विधायक/सांसद अपने मूल दल को छोड़कर सत्ता के लिए अपने विरोधी दल की गोद में बैठ जाता है और उसकी विचारधारा,कार्यकर्ता और देश का जन लोकतंत्र की ताकत अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने वाला दूर से अपनी बेबसी पे आंसू बहा रहा होता है।

रियाजुल्ला बोले- अगर वाकई राजनीति में सुधार लाना है तो इस देश को एक बड़ी लोकतांत्रिक क्रांति की ज़रूरत है साथ ही बाहुबली,गुंडे ,माफिया,सामंती सोच के लोगो को बेदखल करके शिक्षित नवजवानों को राजनीति में आना पड़ेगा विकास की राजनीति करनी पड़ेगी धर्म,जाति की राजनीति की अफीम ने इस देश का बहुत बुरा किया है और अगर इस देश का सबसे काबिल युवा राजनीति में उतरेगा तो गुंडागर्दी,माफिया राज,आतंक,धार्मिक जातीय नफरत का अंत होगा और हमारा देश भी विकासशील नही विकसित खुशहाल देश बनेगा।