राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा- ‘धन के दाम पर लगा ‘लॉकडाउन’ हट गया’

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congress leader rahul gandhi
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हाल में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करने वाली कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आज मंगलवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कटाक्ष किया कि अब ईंधन के दाम पर लगा ‘लॉकडाउन’ हट गया है तथा सरकार कीमतों का लगातार ‘विकास’ करेगी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘गैस, डीजल और पेट्रोल के दामों पर लगा ‘लॉकडाउन’ हट गया है. अब सरकार लगातार कीमतों का ‘विकास’ करेगी. महंगाई की महामारी के बारे में प्रधानमंत्री जी से पूछिए, तो वह कहेंगे कि थाली बजाओ.’

महा-महंगाई, भाजपा लाईः रणदीप सुरजेवाला
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘महा-महंगाई, भाजपा लाई! अब गैस सिलेंडर पर 50 रुपये बढ़ा. गैस सिलेंडर-दिल्ली व मुंबई में 949.50 रुपये, लखनऊ में 987.50 रुपये, कोलकाता में 976 रुपये और चेन्नई में 965.50 रुपये.’ उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘लोग कह रहे हैं, कोई लौटा दे वो सच्चे-सस्ते दिन, नहीं चाहिए (नरेंद्र) मोदी जी के अच्छे दिन.’

सुरजेवाला ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘भाजपा की जीत के साथ मोदी जी के “महंगे दिन” वापस आ गए हैं. भाजपा को जीत का आराम मिलते ही फिर महंगाई ने जनता का जीना हराम कर दिया है. उत्तर प्रदेश में अमित शाह जी ने कहा था कि चुनाव जिताओ और होली पर मुफ़्त गैस सिलेंडर पाओ. मुफ्त तो दिए नहीं , अब महंगे दे रहे हैं.’

आज 80 पैसे बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमत
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई. वहीं घरेलू रसोई गैस के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ गए हैं.

मूल्य वृद्धि के बाद, दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 96.21 रुपये प्रति लीटर होगी, जो पहले 95.41 रुपये थी, जबकि डीजल की कीमत 86.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 87.47 रुपये हो गई है. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में बिना सब्सिडी वाले, 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाकर 949.50 रुपये कर दी गई है.

अक्टूबर से नहीं बढ़े थे LPG के दाम
एलपीजी की दर में अंतिम बार छह अक्टूबर 2021 को संशोधन किया गया था. वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार नवंबर से स्थिर थीं. एलपीजी की कीमत जुलाई और अक्टूबर 2021 के बीच प्रति सिलेंडर 100 रुपये के करीब बढ़ गई थीं.

महामारी के कारण आई मंदी और फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण कच्चे माल की लागत बढ़ती गई इसके बावजूद एलपीजी और वाहन ईंधन दोनों की कीमतें तब से स्थिर थीं. गैर-सब्सिडी वाली रसोई गैस वह है जिसे उपभोक्ता सब्सिडी वाले या बाजार से कम दरों पर 12 सिलेंडरों का अपना कोटा खत्म हो जाने के बाद खरीदते हैं.

हालांकि, सरकार ज्यादातर शहरों में एलपीजी पर कोई सब्सिडी नहीं देती है और बहुचर्चित ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत मुफ्त कनेक्शन पाने वाली गरीब महिलाओं समेत सामान्य उपभोक्ताओं को मिलने वाले रिफिल सिलेंडर की कीमत बिना सब्सिडी वाले या बाजार मूल्य पर मिलने वाले एलपीजी के समान है.