सरकार की बड़ी सफलता, जून में 8 बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 8.9 फीसदी बढ़ा

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गैस, कोयला, बिजली जैसे उद्योगों के दमदार प्रदर्शन से जून में आठ बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन 8.9 फीसदी बढ़ गया। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि लंबे लॉकडाउन की वजह से जून, 2020 में बड़ी गिरावट के मुकाबले इस साल सुधार दिखा। अप्रैल से ही बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन में स्थिरता आ रही है।

मंत्रालय ने बताया कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, सीमेंट, इस्पात और बिजली उत्पादन जैसे आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन में जून, 2020 में 12.4 फीसदी की बड़ी गिरावट रही थी। इस साल इस्पात मेें 25 फीसदी व प्राकृतिक गैस में 20.6 फीसदी उत्पादन बढ़ने से बुनियादी क्षेत्र में बड़ा सुधार दिखा।

अप्रैल-जून की पहली तिमाही में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 25.3 फीसदी बढ़ा है, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 23.8 फीसदी गिर गया था। 2021-22 की शुरुआत के साथ ही अप्रैल में 16.3 फीसदी, मई में 60.9 फीसदी की वृद्धि रही।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि बुनियादी क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से जून में औद्योगिक सूचकांक 12-17 फीसदी पहुंच सकता है। जुलाई में बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि 11-14 फीसदी रहने का अनुमान है। 

वित्तवर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित 15.06 लाख करोड़ के राजकोषीय घाटे में 2.7 लाख करोड़ जून में ही पहुंच गया। महालेखा नियंत्रक ने बताया कि वित्तवर्ष के लिए निर्धारित घाटे का 18.2 फीसदी जून में पूरा हो गया। पिछले साल की पहली तिमाही में यह 83.2% था।  

श्रम मंत्रालय ने बताया कि जून में औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई की दर 5.57 फीसदी रही। मई में 5.24 फीसदी थी। इस दौरान खाद्य महंगाई दर 5.61 फीसदी रही। चावल, मछली, अंडे, खाद्य तेल, फल, आलू, टमाटर की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ।

सात क्षेत्रों में तेजी, एक सुस्त
उद्योग  –  वर्ष 2021 – वर्ष 2020
कोयला – 7.4 फीसदी – (-)15.5 फीसदी
प्राकृतिक गैस – 20.6 फीसदी – (-)12 फीसदी
रिफाइनरी उत्पाद – 2.4 फीसदी – (-)8.9 फीसदी
इस्पात  – 25 फीसदी – (-)23.2 फीसदी
सीमेंट – 4.3 फीसदी  – (-)6.8 फीसदी
बिजली – 7.2 फीसदी  – (-)10 फीसदी