प्रियंका गांधी ने कोविड इलाज के लिए मुआवजा, बिजली की दरें, स्कूल फीस और टैक्स छूट की उठाई मांग, CM योगी को लिखा पत्र

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कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कोविड महामारी को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फिर पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में पांच विषयों पर अपनी बात कहते हुए कुछ सुझाव दिए और कुछ मांग भी रखीं। उन्होंने नसीहत देते हुए ये भी लिखा है कि सरकार को अपनी नीतियों मे करुणा, हमदर्दी और मदद का स्पर्श देने की जरूरत है।

प्रियंका ने कहा है कि जनता को बुरे हालात में छोड़ने के बजाय जन कल्याणकारी कदम उठाए जाएं। प्रियंका ने मध्यम वर्ग के लोगों की समस्याओं के साथ इलाज के लिए कर्ज ले रहे हैं लोगों को मुआवजा देने की मांग भी की है। उन्होंने महंगाई कम करने के उपाय और बिजली की दर न बढ़ाने की मांग की है। व्यापारियों और दुकानदारों को तत्काल राहत की भी मांग की है।

प्रियंका ने लिखा है कि दूसरी लहर ने जनसाधारण को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। जबकि व्यवस्था की ढुलमुल तैयारियों के चलते जनता को असहनीय पीड़ा उठानी पड़ी। सरकार की कोई प्लानिंग नहीं थी। विभिन्न वर्गों की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा है कि आपकी सरकार आगे बढ़कर कुछ जनकल्याणकारी कदम उठाए जिससे लोगों को परेशानियों से थोड़ी राहत मिल सके।

उन्होंने लिखा है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा निजी क्षेत्र अस्पतालों ने भी बड़ी भूमिका निभाई और कई गैर-सरकारी अस्पतालों ने जनसेवा और ईमानदार मिसाल पेश की है। जबकि कुछ निजी अस्पतालों की जनता से मोटी रकम वसूलने की शिकायतें भी आई हैं। परेशान लोग भारी-भरकम बिल चुकाने के लिए कर्ज ले रहे हैं। लिहाजा इलाज के हिसाब से उचित और जन हितैषी कीमतें निर्धारित की जाएं। अस्पतालों का आर्थिक नुकसान हो और आम जनता के शोषण की गुंजाइश न हो। लोगों को इलाज के भुगतान के लिए मुआवजा दिया जाए।

पत्र में लिखा है कि बढ़ती महंगाई के चलते आम लोगों के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर नियंत्रण के लिए और वस्तुओं का दाम बांधने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। राज्य की जनता बिजली के बढ़े दामों और स्मार्ट मीटरों से पहले ही बहुत त्रस्त है। संकट के इस दौर में उसे बिजली के बिलों में राहत मिलनी चाहिए।  फिर से बिजली के दाम बढ़ाए जाने की खबरें आ रही हैं लिहाजा बढ़ोत्तरी न करें।

प्रियंका ने लिखा स्कूल बंद हैं फिर भी अभिवावकों पर स्कूलों में हर महीने फीस जमा करने का दबाव है। स्कूलों के सामने भी शिक्षकों को वेतन देने आदि का संकट है। ऐसे में एक खाका तैयार कर फीस में छूट देने और स्कूलों को आर्थिक मदद का पैकेज देने की एक व्यवस्था बनानी चाहिए। राज्य के व्यापारी और दुकानदार को राहत देने के लिए एक खाका तैयार किया जाए। जिसके जरिये उन्हें करों एवं शुल्कों में थोड़ी राहत दी जाए।