कोरोना पर राजनीती: कांग्रेस नेता माकन बोलें- केंद्र व दिल्ली सरकार जिम्मेदारी छोड़, एक- दूसरे पर मढ़ रही दोष

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन ने शनिवार को केंद्र व दिल्ली की आप सरकार को घेरा। माकन ने कहा कि दोनों सरकारें अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाए एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का प्रयास कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि ये सरकारें लड़ाई तो बाद भी कर सकती हैं, पहले उन्हें लोगों की भलाई व विकास का काम करना चाहिए। 

माकन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बीते साल एक भी पीएसए प्लांट नहीं लगाया और न ही ऑक्सीजन भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने पूछा कि दिल्ली सरकार ने एक भी संयंत्र क्यों नहीं लगायाए  जबकि राजस्थान सरकार ने मंजूर 37 संयंत्रों में से 24 बीते एक साल में चालू कर दिए। इसके अलावा उसने सात बड़े ऑक्सीजन भंडारण प्लांट भी लगाए हैं। 

दिल्ली में ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित करें: कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि कोरोना महामारी के इस संकट के दौरान दिल्ली में लोग ऑक्सजीन की कमी दम तोड़ रहे हैं, लेकिन इस समस्या को दूर करने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपस में झगड़ रहे हैं।

पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन यह भी कहा कि दोनों नेता झगड़ना बंद करके राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा की वजह से नहीं हो रहा है, बल्कि इसका एक बड़ा कारण सरकार का अहंकार है।

माकन ने स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगर सरकार फरवरी महीने में चेत गई होती तो आज यह स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में ऑक्सीजन का उल्लेख 40 बार किया गया है। समिति ने सरकार को चेताया था, लेकिन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। दुख की बात है कि आज कई जगहों और खासकर देश की राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से लोग मर रहे हैं।

माकन ने कहा कि दिल्ली और केंद्र सरकार आपस में झगड़ रहे हैं, जबकि ऑक्सीजन की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम नरेंद्र मोदी जी और ‘छोटे मोदी’ केजरीवाल जी से कहना चाहते हैं कि वे झगड़ना बंद करें। ऑक्सीजन की समस्या को दूर करने का प्रयास करें। आप दोनों बाद में तय कर लीजिएगा कि दिल्ली में शासन कौन करेगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने पिछले एक साल में ऑक्सीजन भंडारण की व्यवस्था के लिए कोई प्रयास नहीं किया।