पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर केंद्रीय मंत्री प्रधान का राहुल गांधी पर पलटवार, बोलें- ‘आम आदमी की चिंता है तो कर घटा दें कांग्रेस शासित राज्य’

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पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा कि यदि कांग्रेस आम आदमी पर वाहन ईंधन कीमतों के बढ़ते बोझ की वजह से चिंतित है, तो उसे अपने शासन वाले राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर बिक्री कर में कटौती करनी चाहिए। बता दें कि पिछले करीब छह सप्ताह से कम समय में पेट्रोल 5.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 6.25 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊंचे केंद्रीय और राज्य करों की वजह से वाहन ईंधन के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की ओर से महाराजा अग्रसेन अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने यह टिप्पणी की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई और अन्य विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोल, डीजल पर करों से अतिरिक्त पैसे की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि वाहन ईंधन के लगातार बढ़ते दामों की वजह से आम उपभोक्ताओं को चोट पहुंच रही है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं। इस बारे में एक सवाल पर केंद्रीय मंत्री प्रधान ने उल्टा सवाल दागते हुए कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब में पेट्रोल-डीजल इतना महंगा क्यों है? उन्होंने कहा, ‘यदि राहुल गांधी गरीबों पर वाहन ईंधन कीमतों की मार से चिंतित हैं तो उन्हें कांग्रेस शासित राज्यों में ईंधन पर करों में कटौती के लिए मुख्यमंत्रियों से कहना चाहिए।’

हालांकि, प्रधान ने यह नहीं बताया कि क्या मध्यप्रदेश और कर्नाटक जैसे भाजपा शासित राज्य भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने के लिए ऐसा ही कदम उठाएंगे, जहां स्थानीय करों की वजह से पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया है।