वैक्सीन को लेकर ड्रैगन को पाक ने किया ‘बेनकाब’, कहा- चीन का सिनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रभावी नहीं

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कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में भारत की जय-जयकार हो रही है। भारत की वैक्सीन से कई देशों में टीकाकरण हो रहा है और पड़ोसी देश भारत की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं, मगर दूसरी ओर चीन है, जिसकी वैक्सीन की क्षमता पर हमेशा जी हजूरी करने वाले उसके अपने गुलाम पाकिस्तान ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। चीन अपनी वैक्सीन को लेकर भले ही पूरी दुनिया में गाल बजा ले, मगर उसकी हकीकत क्या है, पाकिस्तान ने उसकी पोल खोल दी है। पाकिस्तान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चीन का साइनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों पर असरदार नहीं है।

पाकिस्तान ने अपने यहां कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने के एक दिन बाद गुरुवार को कहा कि चीन का सिनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रभावी नहीं है। चीन ने पाकिस्तान को पांच लाख सिनोफार्म टीके दान किए थे, जिन्हें लेने सोमवार को पाकिस्तान से एक विमान गया था। यहां यह बताना जरूरी है कि चीन ने भले ही करीब 21 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान को महज पांच लाख टीके दान में दिए हों, मगर उसने स्पष्ट शब्दों में उसी वक्त कह दिया था कि पाकिस्तान को अपना विमान भेजकर अपने खर्चे पर वैक्सीन को ले जाना होगा।

प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सहायक डॉक्टर फैसल सुल्तान ने आज मीडिया से कहा कि पाकिस्तान की विशेषज्ञ समिति ने डेटा के प्रारंभिक विश्लेषण पर विचार करने के बाद सुझाव दिया है कि टीका केवल 18 से 60 साल तक के आयु समूहों के लोगों को लगाया जाए। उन्होंने कहा, ‘समिति ने इस चरण में सिनोफार्म टीके को 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए अधिकृत नहीं किया है।’

पाकिस्तान को भारत की ओर से 1.70 करोड़ टीके मुफ्त मिलने जा रहा है। उसे कोवाक्स प्रोग्राम के तहत यह खैरात मिलने जा रही है। पाकिस्तान ने सबसे पहले ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी की ओर से तैयार किए गए टीके कोविशील्ड को ही सबसे पहले आपातकालीन मंजूरी दी, लेकिन इमरान खान की सरकार के खजाने में ना तो इतने रुपए हैं कि वे टीके खरीद सकें और ना ही इतनी हिम्मत की भारत सरकार से टीका मांग ले। हालांकि, पाकिस्तान ने इसे बैकडोर से पाने की कोशिश के तहत राज्य सरकारों और निजी सेक्टर को खरीद की छूट दे दी थी। इस बीच रविवावर को इमरान खान के विशेष विशेष सहायक (स्वास्थ्य) डॉ. फैसल सुल्तान ने घोषणा की कि अगले महीने (फरवरी) से पाकिस्तान को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन भी मिलने जा रही है। उन्होने बताया कि 60 लाख डोज की डिलिवरी मार्च तक हो जाएगी तो जून तक 1.70 करोड़ डोज मिल जाएंगे।

दरअसल, चीन की तरफ से पाकिस्तान को मिली कोरोना वैक्सीन ऊंट के मुंह में जीरा के समना है। भारत ने करीब तीन करोड़ की आबादी वाले नेपाल को फ्री में ही कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज दे दी है, मगर दूसरी ओर चीन है, जिसने करीब 21 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान को ऊंट के मुंह में जीरा थमा दिया है। सिर्फ नेपाल ही नहीं, भारत ने बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान समेत कई अन्य पड़ोसी देशों को भी वैक्सीन मुहैया कराई है। भूटान की आबादी करीब साढ़े सात लाख है, मगर भारत ने उसे सहयोग के तौर पर 1.5 लाख वैक्सीन की खुराकें दे दी है। वहीं, बांग्लादेश की आबादी करीब 16 करोड़ से अधिक है और उसे भी भारत की ओर से 20 लाख कोरोना की वैक्सीन मिली है।