दक्षिण अफ्रीका के सभी राज्यों में फैला कोरोना का नया वैरिएंट ‘Omicron’, राष्ट्रपति ने दी चौथी लहर की दी चेतावनी

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South Africa President covid positive

Corona का Omicron स्ट्रेन लगातार घातक बनता जा रहा है. हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक इसकी संक्रामकता को लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं. लेकिन 24 नवंबर को इसकी पहली रिपोर्ट सामने आने के बाद अगले 5 दिन में ही 29 नवंबर तक Omicron दक्षिण अफ्रीका (South Africa) का सभी राज्यों में फैल चुका है. राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने आशंका जताई है कि Omicron वेरिएंट के कारण देश में कोरोना की चौथी लहर (4th Wave of Corona) आ सकती है. राष्ट्रपति रामफोसा ने एक टीवी भाषण में कहा, कोरोना के नए वेरिएंट Omicron के कारण कोरोना संक्रमण की संख्या बढ़ गई है. अगर मामलों में बढ़ोतरी जारी रहती है तो हम अगले कुछ हफ्तों में चौथी लहर में पहुंच जाएंगे.’

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमने बीते सात दिनों में औसतन 1,600 नए मामले देखे हैं, जबकि पिछले सप्ताह में केवल 500 नए दैनिक मामले सामने आए थे. पॉजिटिव कोरोना मामलों की संख्या बढ़ गई है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम जानते हैं कि पिछले दो हफ्तों में गौतेंग में पाए गए अधिकांश संक्रमणों के लिए नया वैरिएंट जिम्मेदार है और अब अन्य सभी प्रांतों में तेजी से उभर रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने एक कार्यदल का गठन किया है जो कुछ गतिविधियों और स्थानों में अनिवार्य टीकाकरण की शुरुआत पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श करेगा.’ टास्क फोर्स उप राष्ट्रपति डेविड माबुजा की अध्यक्षता में टीकाकरण पर अंतर-मंत्रालयी समिति को रिपोर्ट करेगी, जो कैबिनेट को सिफारिशें करेगी. उन्होंने कहा कि लोगों के पास पहला और सबसे शक्तिशाली उपकरण टीकाकरण है.

उन्होंने कहा, ‘टीकाकरण अपने आपको और अपने आस-पास के लोगों को ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाने, चौथी लहर के प्रभाव को कम करने और सामाजिक स्वतंत्रता को बहाल करने में मदद करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है.’ ‘हमारी अर्थव्यवस्था के पूर्ण संचालन के लिए, यात्रा को फिर से शुरू करने और पर्यटन और आतिथ्य जैसे कमजोर क्षेत्रों की रिकवरी के लिए टीकाकरण भी महत्वपूर्ण है.’

रामाफोसा ने कहा कि कोरोना वायरस सभी वायरसों की तरह उत्परिवर्तित होता है और नए रूप बनाता है. जहां लोगों को टीका नहीं लगाया गया है, वहां ज्यादा गंभीर रूपों के उभरने की संभावना है. उन्होंने कहा, ‘इसीलिए हम दुनियाभर के कई देशों, संगठनों और लोगों के साथ जुड़ गए हैं, जो सभी के लिए वैक्सीन की समान पहुंच के लिए लड़ रहे हैं.’