नितिन गडकरी: एशिया की सबसे लंबी जोजिला टनल को छह के बजाए चार साल में पूरा करने का लक्ष्य

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nitin gadkari
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सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि श्रीनगर-लेह को जोड़ने वाली जोजिला टनल परियोजना को छह साल के बजाए चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सामाजिक व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एशिया की सबसे बड़ी टनल परियोजना से दिल्ली-श्रीनगर की लेह-लद्दाख तक सालभर रोड़ कनेक्टिविटी बनी रहेगी। आवश्यक वस्तुएं, दवाइयां, सैन्य रसद, पर्यटक आदि की आवाजाही निर्बाध होती रहेगी। वर्तमान में बर्फबारी के कारण लद्दाख छह से सात महीने के लिए देश के बाकी हिस्से से कट जाता है। जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

गडकरी ने बृहस्पतिवार को बेबिनार के जरिए बटन दबाकर 14.14 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल में पहला ब्लास्ट (धमाका) कर निर्माण कार्य की शुरूआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इटली, फ्रांस, नार्वे आदि देशों की तकनीक से जोजिला टनल को सिग्नल ट्यूब में बनाया जा रहा है। इससे टनल परियोजना की लागत में 4000 करोड़ रुपये की बचत की गई वहीं इसको छह साल के बजाए चार साल में पूरा किया जाएगा। टनल निर्माण में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। टनल की खुदाई में 33 लाख टन मलबा निकलेगा इससे सड़क निर्माण में प्रयोग कर 500 करोड़ रुपये बजाए जाएंगे।

इसके लिए एनएचएआईडीसीएल व मंत्रालय के अधिकारी बधाई के पात्र हैं। गडकरी ने कहा कि जोजिला व जेड मोड टनल की कनेक्टिविटी के लिए 18.63 किलोमीटर लंबी अप्रोच रोड बनाई जा रही है। एशिया की सबसे लंबी जोजिला टनल के पास 12 से 15 एकड़ क्षेत्रफल में कई पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसके लिए स्नो गैलरी की संकल्पना की गई है। निर्माण कंपनी को हिदायद दी गई है कि टनल निर्माण के लिए लेह, लद्दाख के स्थानीय कंपनियों को काम दिया जाए। जिससे क्षेत्रीय युवाओं को काम मिल सके। टनल बनने से लेह लद्दाख में पर्यटन को बढ़ा दिया जा सकेगा। इससे क्षेत्र में तेजी से आर्थिक विकास होगा। इस क्षेत्र में एमएसएमई सेक्टर को भी बढ़ावा दिया जाएगा।