स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया- 90 जिलों से आ रहे हैं कोरोना वायरस के 80% मामले, महाराष्ट्र और केरल सबसे आगे

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    Health Ministry Press Briefing on covid19

    भारत में एक दिन में कोविड-19 के 43,393 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,07,52,950 हो गई. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 4,58,727 हो गई है. ये जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को दी. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हमारे देश में 90 ज़िले ऐसे हैं जहां देश में कोरोना वायरस के 80% मामले आ रहे हैं. देश में कोरोना वायरस के 53% मामले दो राज्यों महाराष्ट्र और केरल में आ रहे हैं.

    उन्होंने कहा, “भारत में कोविड-19 के 80 प्रतिशत नए मामले 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 90 जिलों से आए, जो इन इलाकों में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं.” सरकार ने कहा कि सत्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 66 जिलों में कोविड-19 संक्रमण दर आठ जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में 10 प्रतिशत से अधिक रही. इसके अलावा भारत में पिछले हफ्ते आए कोविड-19 के आधे से अधिक मामले दो राज्यों महाराष्ट्र (21 प्रतिशत) और केरल (32 प्रतिशत) से हैं.

    केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत में पिछले सप्ताह सामने आये कोविड-19 के आधे से अधिक मामले महाराष्ट्र और केरल के हैं. मंत्रालय ने कहा कि महामारी अभी जल्द समाप्त नहीं होने वाली इसलिए आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं है. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश अभी महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है और हमें आत्मनिरीक्षण करना होगा कि क्या हम इस भ्रामक धारणा को तो नहीं मान बैठे कि कोविड-19 समाप्त हो गया है.’’

    स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने रूस और ब्रिटेन समेत कुछ देशों में संक्रमण के मामलों में हाल में हुए इजाफे का जिक्र करते हुए लोगों को आगाह किया. उन्होंने मास्क पहनने और एक-दूसरे से निश्चित दूरी रखने जैसे कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की जरूरत बताई. सरकार ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के लैम्बडा स्वरूप का कोई मामला नहीं देखा गया है.

    बता दें कि हाल ही के दिनों पर्यटक स्थलों पर काफी भीड़ देखी गई है. इसको लेकर केंद्र सरकार ने चिंता व्यक्त की है. सरकार ने कहा है कि पर्यटक स्थलों पर लोगों के कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना एक-दूसरे के साथ घुलने-मिलने के वीडियो चिंता का सबब हैं.

    डॉ.वी.के.पॉल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) ने कहा, “बाज़ारों और पर्यटन स्थलों पर लापरवाही हो रही है. इ​सलिए वहां (पर्यटन स्थलों) एक नया खतरा दिखाई दे रहा है, वायरस के लिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचना आसान हो रहा है.”

    इसके अलावा सरकार ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 होने से समय पूर्व प्रसव जैसे कुछ खतरे बढ़ सकते हैं, उनके लिए टीका लगवाना महत्वपूर्ण है. डॉ.वी.के.पॉल ने कहा, “गर्भवती महिलाओं में कोविड की गंभीरता बढ़ जाती है इसलिए जरूरी है कि हम गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगवाएं. अगर गर्भवती महिलाओं को कोरोना होता है तो समय से पहले डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है.”