बेलारूस में Russia और Ukraine के बीच थोड़ी देर में शुरू होगी बातचीत

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    Russia ready for talks with Ukraine in Belarus
    Russia ready for talks with Ukraine in Belarus

    रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. युद्ध के पांचवें दिन यूक्रेन (Ukraine) पर तगड़ा मिसाइल अटैक हुआ है. इस बीच कीव और आस-पास एक साथ कई मिसाइलें दागी जाने की खबर है. इस बीच यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्री का दावा ने किया है कि रूस के हमलों में 16 बच्चों की हुई मौत है. वहीं विदेश पुतिन का न्यूक्लियर फोर्स को अलर्ट पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर अपने हमले को लेकर पश्चिम के साथ बढ़ती चिंताओं के बीच रविवार को रूस के परमाणु निवारक बलों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है. इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर 5वीं फ्लाइट दिल्ली पहुंच गई है. इस विमान में 249 नागरिक वापस देश लौटे हैं.  

    यूक्रेन में फंसे 249 भारतीय नागरिकों को लेकर बुखारेस्ट (रोमानिया) से रवाना हुई पांचवीं ऑपरेशन गंगा फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गई है. यूक्रेन से दिल्ली पहुंचे छात्रों ने कहा, सरकार ने हमारी बहुत मदद की है. भारतीय दूतावास द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की गई. सबसे बड़ी समस्या सीमा पार करना था. मुझे उम्मीद है कि सभी भारतीयों को वापस लाया जाएगा. कई और भारतीय अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं.

    फिलहाल तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को यूक्रेन के अधिकारियों को बिना किसी शर्त के  रूस के साथ बातचीत में भाग लेने के लिए सहमति व्यक्त की है. इससे पहले पुतिन ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक सम्मेलन में कहा है कि प्रमुख नाटो शक्तियों ने भड़काऊ टिप्पणियां कीं. इसके अलावा पश्चिम ने रूस पर कठोर वित्तीय प्रतिबंध लगाए जिसमें स्वयं राष्ट्रपति भी शामिल थे. पुतिन ने रूस के परमाणु हथियारों को लॉन्च करने की तैयारी के लिए तैयार करने का आदेश दिया है. एपी ने अपनी रिपोर्ट में पुतिन के हवाले से कहा, पश्चिमी देश न केवल आर्थिक क्षेत्र में हमारे देश के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, बल्कि नाटो के प्रमुख सदस्यों के शीर्ष अधिकारियों ने हमारे देश के बारे में आक्रामक बयान दिए हैं. उनके आदेश में निहित था कि यूक्रेन के आक्रमण पर पश्चिम के साथ तनाव परमाणु हथियारों की तैनाती तक बढ़ सकता है.

    इस हफ्ते, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के संकट में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करने वाले किसी भी देश के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का आह्वान किया था. इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव के गिर जाने के बाद यूएनएससी का सोमवार तड़के फिर से आपातकालीन सत्र बुलाया गया. इस सत्र का मकसद यूक्रेन मसले पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का विशेष सत्र बुलाए जाने पर मतदान करना था. इस सत्र को इसी वजह से ऐतिहासिक करार दिया जा रहा है. यह अलग बात है कि इस बार भी भारत (India) ने अमेरिका और रूस से अपने संबंधों के चलते यूएनजीए के विशेष सत्र को आहूत करने की वोटिंग प्रक्रिया से अपने को दूर रखा.