म्यांमार सैन्य तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन: पांच से अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध के बावजूद पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी

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म्यांमार में पांच से अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध के बावजूद मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग सैन्य तख्तापलट के विरोध में सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर उनका पुलिस के साथ टकराव भी हुआ जिसके चलते पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एक बार फिर पानी की बौछारें छोड़ीं। म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले में भी वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। 

सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बीच पुलिस ने मांडले में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने राजधानी नेपीता में लगातार दूसरे दिन पानी की बौछारें छोड़कर भीड़ तितर-बितर की और हवा में गोलियां भी चलाईं। पुलिस को यहां रबर की गोलियां भी चलानी पड़ीं जिससे कई लोग घायल हो गए।

इस बीच, सेना ने यंगून और मांडले शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। जबकि सैन्य तख्तापलट में आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को अपदस्थ करने व उनके समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ तीन दिन तक बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन होने के बाद यहां पांच से ज्यादा लोगों के जुटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक जानकारी के मुताबिक सेना फिलहाल रक्तपात से बचने की कोशिश में है।

अमेरिका ने म्यांमार में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की तत्काल और पूर्ण बहाली की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका एशियाई देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि हम म्यांमार के लोगों के साथ हैं और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित होने के उनके अधिकार का समर्थन करते हैं। 

महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने म्यांमार के हालात पर चिंता दोहराते हुए कहा कि वे एशिया के क्षेत्रीय नेताओं से सामूहिक और द्विपक्षीय कार्रवाई करने संबंधी बातचीत कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, महासचिव म्यांमार के हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और बेहद चिंतित हैं। 

म्यांमार को बड़े पैमाने पर आर्थिक मदद देने वाले न्यूजीलैंड ने म्यांमार के साथ सभी रिश्ते निलंबित करने का फैसला लिया है। न्यूजीलैंड ने म्यांमार के साथ सभी उच्च स्तरीय संपर्क निलंबित करते हुए म्यांमार के सैन्य अधिकारियों के न्यूजीलैंड आने पर भी पाबंदी लगा दी है। पीएम जैसिंडा अर्डन ने म्यांमार पर कहा कि जब तक म्यांमार में सैन्य हुकूमत है तब तक न्यूजीलैंड म्यांमार की कोई मदद नहीं करेगा।