MI vs DC IPL 2020 Final : आज फाइनल की जंग – दिल्ली कैपिटल्स के पास है इतिहास रचने का मौका तो मुंबई जीतना चाहेगी 5वां खिताब

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मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आज आईपीएल 2020 का फाइनल मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इस मुकाबले को जीतकर श्रेयस अय्यर की दिल्ली कैपिटल्स के पास इतिहास रचने का मौका है, वहीं मुंबई इंडियंस अपने खिताबों की सूची को 4 से 5 करना चाहेगी। दिल्ली की टीम फाइनल में पहली बार पहुंची है जिस वजह से उनपर पूरा पूरा दबाव होगा, लेकिन अगर वह आज मुंबई इंडियंस को मात देने में कामयाब रहती है तो आईपीएल में आरसीबी और किंग्स इलेवन पंजाब ही दो ऐसी टीमें रह जाएगी जो खिताब से अभी तक वंचित रही है।

दोनों टीमों का आकलन

इस सीजन से पहले यूएई में मुंबई इंडियंस के आंकड़ों को देखकर कहा जा रहा था कि यह टीम इस साल औसत प्रदर्शन ही दे पाएगी। मुंबई की इस सीजन में शुरुआत भी कुछ ऐसी ही हुई, पहले ही मुकाबले में इस टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। मुंबई को ऐसे ही चैंपियन टीम नहीं कहा जाता, इस हार के बाद जोरदार वापसी करते हुए मुंबई ने जीत की ऐसी लय पकड़ी की वह अब फाइनल में पहुंच गई है।

लीग स्टेज की प्वॉइंट्स टेबल में 18 अंकों के साथ टॉप करने के बाद मुंबई ने प्लेऑफ के पहले क्वालीफायर्स में दिल्ली कैपिटल्स को 57 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। मुंबई की नजरें एक बार फिर दिल्ली को मात देकर खिताब जीतने पर होगी। बात मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की करें तो सभी खिलाड़ी फॉर्म में है। बल्लेबाजी में क्विंटन डी कॉक के साथ सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और कीरोन पोलार्ड धमाल मचा रहे हैं, वहीं गेंदबाजी में बोल्ट और बुमराह का कहर है।

फाइनल मुकाबले में रोहित शर्मा ने टीम में जयंत यादव को भी शामिल करने के संकेत दिए हैं। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने यह बात कही साथ ही उन्होंने मुंबई इंडियंस के फैन्स को खुशखबरी देते हुए बताया कि फाइनल्स के लिए बोल्ट फिट हो चुके हैं।

मुंबई इंडियंस को अपनी प्लेइंग इलेवन में इससे ज्यादा कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है, अब बस उन्हें इस सीजन के अंतिम 40 ओवरों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना है।

उतार-चढ़ाव से जूझती दिल्ली

दिल्ली कैपिटल्स का आईपीएल 2020 का सफर बेहद ही रोमांचक रहा है। पहले 9 में से 7 मुकाबले जीतकर जहां दिल्ली ने बिना किसी दिक्कत परेशानी के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद दिखाई थी। वहीं अगले 4 मुकाबले हारकर उन्होंने खुद अपनी राह कठिन की थी। आलम यह था कि अगर वह अपने लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला हारती तो वह टूर्नामेंट से ही बाहर हो सकती थी।

लेकिन जब अंतिम मैच में दिल्ली ने आरसीबी को हराया तो हर किसी को लगा कि दिल्ली लय वापस पकड़ चुकी है, लेकिन पहले क्वालीफायर में एक बार फिर उनका लचर प्रदर्शन देखने को मिला। लेकिन क्वालीफायर 2 में उन्होंने तगड़ी वापसी करते हुए हैदराबाद को 17 रनों से हराकर पहली बार फाइनल में प्रवेश किया। दिल्ली फाइनल में तो पहुंच गई, लेकिन अगर वह पिछले मुड़कर अपने प्रदर्शन को देखेगी तो वह खुश नहीं होगी। सीजन की इतनी अच्छी शुरुआत के बाद भी वह लुड़कते पुड़कते फाइनल तक पहुंची। दिल्ली के परफॉर्मेंस में निरंतरता नहीं दिखाई दी, दिल्ली को यह चीज मुंबई से सीखने की जरूरत है।

खैर, दिल्ली ने दूसरे क्वालीफायर में मॉर्कस स्टाइनिस से सालामी बल्लेबाजी करवाकर बड़ा बदलाव किया और उनका यह दाव काम भी किया। स्यॉइनिस को तेजी से रन बनाता देख गब्बर ने भी अपने रंग बदले और हैदराबाद के खिलाफ 78 रन जड़ दिए। गेंदबाजी में भी दिल्ली ने असरदार प्रदर्शन किया।

मैच से पहले दिल्ली के कोच रिकी पोंटिंग भी काफी आत्मविश्वास से भरे दिखे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “हम में मुम्बई को हराने के लिए जरूरी आग है। मुम्बई की टीम अगर सोच रही होगी कि एक टीम जिससे उसे नहीं भिड़ना चाहिए था वह हम हैं। हमने इस पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का प्रदर्शन किया है। हालात को अपने अनुरूप किया है, उससे मुझे लगता है कि हम खिताब जीत सकते हैं।”

दिल्ली को भी अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है, बस जरूरत है तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाने की।

हेड टू हेड

मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल में अभी तक कुल 27 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 15 बार मुंबई तो 12 बार दिल्ली की टीम बाजी मारने में सफल रही है। वहीं 2020 के लीग स्टेज और क्वालीफायर मिलाकर इन दोनों टीमों के बीच तीन मुकाबले खेले गए हैं और तीनों ही बार मुंबई ने दिल्ली को चित किया है। दिल्ली ने आखिरी बार मुंबई इंडियंस को पिछले सीजन में हराया था।