कोरोना वैक्सीन का सालों तक रहेगा असर, संक्रमण से रहेंगे सुरक्षित: मॉडर्ना सीईओ

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कोरोना वैक्सीन के मोर्चे पर अब दुनिया में कई देश राहत की सांस ले सकते हैं। भारत में दो वैक्सीन को मंजूरी मिलने से यहां टीकाकरण की प्रक्रिया को जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन बनाने वाली मॉडर्ना के सीईओ ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन मरीज कुल सालों तक संक्रमण से बचा रहेगा।

मॉडर्ना दवा कंपनी का दावा है कि उनकी वैक्सीन कुल सालों तक संक्रमण से बचाएगी और सुरक्षित रखेगी। हालांकि अभी भी किसी सटीक आकलन तक पहुंचने के लिए वैक्सीन से जुड़ी कई जानकारियों को जुटाने की जरूरत है। पिछले साल यह अमेरिकी दवा कंपनी उस वक्त चर्चा में आई थी, जब कोरोना के फैलने के कुछ हफ्तों बाद ही कंपनी ने वैक्सीन बनाने का दावा कर दिया था।

अब मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को यूरोपीय संघ ने बुधवार को मंजूरी दे दी है। टीका बनाने और फार्माकोविजिलेंस के मद्देनजर सामान्य तौर पर कई सालों के समय की जरूरत होती है, ऐसे में कोविड-19 के टीके कितने समय के लिए सुरक्षा करेंगे यह वैज्ञानिक और नियामक दोनों के लिए एक बड़ा सवाल है।

मॉडर्ना सीईओ स्टीफन बैंसेल ने बताया कि वैक्सीन से मानव शरीर में जो एंटीबॉडी बनती हैं, वो काफी धीमे-धीमे कम होती हैं। इसलिए हमारा मानना है कि कोरोना की वैक्सीन मरीजों को सालों तक सुरक्षित रखेगी। बैंसेल ने इस बात की भी जानकारी दी कि उनकी कंपनी यह बहुत जल्द साबित करने वाली है कि उनकी वैक्सीन ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वेरिएंट्स पर भी असरदार है।

‘मॉडर्ना की वैक्सीन को मंजूरी देने पर विचार करने के लिए बुधवार को एजेंसी की बैठक हुई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया। यह बैठक ऐसे समय पर हुई, जब यूरोप के कई देशों में संक्रमण के मामलों में काफी बढ़ोतरी हो रही है। माना जा रहा है कि मॉडर्ना के टीके को मंजूरी मिलने के बाद यूरोपीय संघ के देशों को इस महामारी से निपटने में काफी मदद मिलेगी। 

गौरतलब है कि यूरोपीय संघ के 27 देशों में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की शुरुआत 27 दिसंबर से हो चुकी है। जबकि नीदरलैंड ने बुधवार से अपने कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, जिसमें नर्सिंग होम स्टाफ और अस्पतालों में फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन के लिए प्राथमिकता दी गई।